ग्लोबल एक्सपोर्ट भी बढ़ा
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ग्लोबल एक्सपोर्ट भी बढ़ा
FY 2024-25 में भारत से पैसेंजर वाहनों का निर्यात भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो 7.70 लाख यूनिट्स रहा। ये आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 14.6% ज्यादा है। खास बात यह रही कि भारत में बने ग्लोबल मॉडल्स की मांग लैटिन अमेरिका और अफ्रीका जैसे बाजारों में बढ़ी, और कुछ कंपनियों ने विकसित देशों को भी निर्यात शुरू कर दिया।
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टू-व्हीलर ने भी दिखाई रफ्तार
FY 2024-25 में 1.96 करोड़ टू-व्हीलर्स की बिक्री हुई, जो 9.1% की ग्रोथ को दर्शाता है। इसमें स्कूटर सेगमेंट सबसे आगे रहा, खासतौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में अच्छी कनेक्टिविटी के वजह से मांग में तेजी दिखी।
साल भर में टू-व्हीलर सेगमेंट में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 6% से ज्यादा हो गई। ईवी के नए विकल्पों और बेहतर तकनीक की वजह से यह ट्रेंड और भी मजबूत होता दिख रहा है। भारत से टू-व्हीलर का निर्यात 42 लाख यूनिट्स तक पहुंच गया, जो कि 21.4% की वृद्धि को दर्शाता है। अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में बढ़ती मांग और नए प्रोडक्ट लॉन्च इस ग्रोथ के मुख्य कारण रहे।
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इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ी
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SIAM को उम्मीद है कि आने वाला साल भी इंडस्ट्री के लिए शानदार रहेगा। स्थिर आर्थिक हालात, सरकार की सहयोगी नीतियां, इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश और सामान्य मानसून की संभावना से डिमांड को और मजबूती मिल सकती है। खासतौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी बाजारों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।