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Rare Earth Magnet: चीन पर निर्भरता कम करेगा भारत, 2026 तक शुरू होगा रेयर अर्थ मैग्नेट का घरेलू उत्पादन

Thu, 19 Feb 2026 05:10 PM IST
सुयश पांडेय ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Rare Earth Permanent Magnets: भारत सरकार ने 2026 के अंत तक रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट का घरेलू उत्पादन शुरू करने की योजना बनाई है। इसके लिए ₹7,300 करोड़ का निवेश और चार नए प्रोसेसिंग प्लांट लगाए जाएंगे। इस कदम का उद्देश्य चीन पर निर्भरता कम करना और टेक, इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए मजबूत लोकल सप्लाई चेन तैयार करना है।

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2026 तक शुरू होगा रेयर अर्थ मैग्नेट का घरेलू उत्पादन (एआई) - फोटो : एआई
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विस्तार
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भारत तकनीक और ऑटो सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। सरकार ने बताया है कि देश में 2026 के अंत तक रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट का उत्पादन शुरू हो जाएगा। इसके लिए सरकार ने ₹7,300 करोड़ का निवेश मंजूर किया है और चार नए प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की योजना बनाई है। इसका मुख्य मकसद चीन पर निर्भरता कम करना और भारत में लोकल मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत बनाना है।

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रेयर अर्थ मैग्नेट क्यों होते हैं इतने महत्वपूर्ण?

रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट आज की आधुनिक टेक्नोलॉजी का बहुत जरूरी हिस्सा हैं। इनका इस्तेमाल कई अहम चीजों में होता है, जैसे:

  • इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी)
  • एयरोस्पेस और डिफेंस
  • स्मार्टफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस
  • विंड टर्बाइन और रिन्यूएबल एनर्जी
  • ऑटोमोबाइल सेक्टर

इन मैग्नेट्स के बिना कई आधुनिक मशीनें और हाई-टेक डिवाइस ठीक से काम नहीं कर सकते।

चीन पर निर्भरता कम करने की योजना

अभी भारत अपनी जरूरत के ज्यादातर रेयर अर्थ मैग्नेट विदेश से मंगाता है और इनमें सबसे ज्यादा सप्लाई चीन से होती है। इसकी वजह यह है कि दुनिया में करीब 90% रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट प्रोसेसिंग चीन में होती है। पिछले साल चीन ने इन मैग्नेट्स की सप्लाई कम कर दी थी जिससे भारत की कई ऑटो कंपनियों को परेशानी हुई। इसी कारण भारत ने अब फैसला लिया है कि इन मैग्नेट्स का उत्पादन देश में ही शुरू किया जाएगा, ताकि भविष्य में सप्लाई की समस्या न हो।

भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा भंडार

भारत के पास रेयर अर्थ मिनरल्स का बहुत बड़ा भंडार है। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भारत के पास करीब 6.9 मिलियन टन रेयर अर्थ रिजर्व हैं। ये भंडार दुनिया में तीसरे नंबर पर है। लेकिन अभी तक इसका बहुत कम हिस्सा ही निकाला गया है क्योंकि निजी कंपनियों ने इसमें ज्यादा निवेश नहीं किया। अब सरकार की नई योजना का मकसद इसका बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू करना और इसका पूरा फायदा उठाना है।

चार नए प्रोसेसिंग प्लांट लगाए जाएंगे

केंद्रीय खनन मंत्री किशन रेड्डी ने बताया कि सरकार और एक सरकारी संस्था ने रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट बनाने की तकनीक तैयार कर ली है। इसके तहत:

  • देश के चार अलग-अलग राज्यों में चार नए प्रोसेसिंग प्लांट लगाए जाएंगे
  • इसमें प्राइवेट कंपनियां भी हिस्सा लेंगी
  • इसका मुख्य मकसद ऑटो और टेक इंडस्ट्री की जरूरतों को पूरा करना है

इससे भारत में इन मैग्नेट्स की लोकल सप्लाई मजबूत होगी और कंपनियों को आसानी से और लगातार सप्लाई मिल सकेगी।

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टेक और ऑटो सेक्टर के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है

यह कदम भारत के लिए कई तरह से फायदेमंद होगा क्योकिं इससे

  • चीन पर निर्भरता कम होगी
  • इलेक्ट्रिक वाहन और टेक सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा
  • देश में नई नौकरियां पैदा होंगी
  • भारत दुनिया की सप्लाई चेन में मजबूत स्थिति बना सकेगा

सरकार की यह योजना भारत को रेयर अर्थ मैग्नेट उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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