फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Road Safety: हर दिन छह से अधिक मौतें, गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं में तेज इजाफा, सड़क सुरक्षा पर सवाल

Fri, 13 Feb 2026 06:08 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पिछले पांच वर्षों (2020-2024) में गड्ढों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में काफी बढ़ोतरी देखी गई है। सिर्फ 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान थोड़ी गिरावट देखी गई थी। 
विज्ञापन
गड्ढे से हो रहे हादसे - फोटो : AI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश में गड्ढों से जुड़ी सड़क दुर्घटनाओं में मौतों का आंकड़ा पिछले पांच वर्षों (2020-2024) में तेजी से बढ़ा है। कोविड-19 महामारी के दौरान 2021 में थोड़ी गिरावट को छोड़ दें, तो बाकी वर्षों में यह रुझान लगातार ऊपर की ओर रहा। 

विज्ञापन


सरकारी आंकड़े क्या कहते हैं? 
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा गुरुवार को लोकसभा में पेश किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, 2020 के मुकाबले 2024 में गड्ढों के कारण होने वाली मौतों में 53 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 

पांच साल में कितनी जानें गईं?
2020 में गड्ढों से जुड़ी सड़क दुर्घटनाओं में 1,555 लोगों की मौत हुई थी। यह संख्या 2024 में बढ़कर 2,385 हो गई। यानी औसतन हर दिन छह से अधिक लोगों की जान सिर्फ गड्ढों की वजह से जा रही है।

2020 से 2024 के बीच कुल 9,438 मौतें गड्ढों से जुड़े हादसों में दर्ज की गईं। 2021 में करीब 4.7 प्रतिशत की मामूली गिरावट के बाद अगले वर्षों में आंकड़े तेजी से बढ़े।

हादसों की संख्या में कितना इजाफा हुआ?
मौतों के साथ-साथ गड्ढों से होने वाले हादसों की संख्या भी लगभग उसी अनुपात में बढ़ी है।

  • 2020: 3,713 दुर्घटनाएं
  • 2024: 5,432 दुर्घटनाएं

पांच वर्षों में कुल 23,056 सड़क दुर्घटनाएं गड्ढों के कारण दर्ज की गईं। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और शहरी सड़कों, तीनों तरह की सड़कें शामिल हैं।

घायलों की संख्या में क्या रुझान रहा? 
गड्ढों से जुड़े हादसों में घायल होने वालों की संख्या भी बढ़ी है।

  • 2020: 3,167 घायल
  • 2024: 4,643 घायल

हालांकि 2021 में यह संख्या घटकर 3,103 रही, लेकिन 2023 में चोटिलों का आंकड़ा 5,309 के शिखर पर पहुंच गया।

गंभीर और मामूली चोटों में कितना अंतर आया?
आंकड़ों के मुताबिक,

  • गंभीर चोटें लगभग 34 प्रतिशत बढ़ीं- 2020 में 1,672 से बढ़कर 2024 में 2,238।
  • मामूली चोटें इससे भी ज्यादा, करीब 61 प्रतिशत बढ़ीं- 1,495 से 2,405 तक।

कुल मिलाकर, पांच वर्षों में 9,670 लोगों को गंभीर और 10,286 लोगों को मामूली चोटें आईं। 

सबसे ज्यादा मौतें किस राज्य में हुईं?
राज्यवार आंकड़ों में उत्तर प्रदेश अकेले देश की कुल गड्ढा-संबंधी मौतों का आधे से अधिक हिस्सा रखता है।

  • 2020: 759 मौतें
  • 2024: 1,369 मौतें

इसके बाद मध्य प्रदेश में मौतें 96 से बढ़कर 277 हो गईं। पंजाब, तमिलनाडु और असम भी शीर्ष पाँच राज्यों में शामिल हैं। ये पाँचों राज्य मिलकर गड्ढों से होने वाली कुल मौतों के 82 प्रतिशत से अधिक के लिए जिम्मेदार हैं।

वैश्विक संदर्भ में भारत की स्थिति क्या है?
सालाना सड़क दुर्घटनाओं में मौतों के मामले में भारत दुनिया में पहले स्थान पर है। इसके बाद चीन (भारत के कुल का 36%) और अमेरिका (25%) का स्थान आता है। 

भारत का सड़क नेटवर्क दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा है- करीब 63.45 लाख किमी, जिसमें 1.46 लाख किमी राष्ट्रीय राजमार्ग और 1.80 लाख किमी राज्य राजमार्ग शामिल हैं।  

विज्ञापन

2024 में कुल सड़क हादसों का क्या हाल रहा?
2024 में देशभर में 1.77 लाख लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई, जो 2023 के मुकाबले 2.31 प्रतिशत अधिक है। 2023 में 4.8 लाख सड़क हादसों में 1.73 लाख मौतें दर्ज की गई थीं।

आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि गड्ढे अब सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि एक गंभीर जानलेवा जोखिम बन चुके हैं। सड़क रखरखाव और समय पर मरम्मत को प्राथमिकता दिए बिना सड़क सुरक्षा के लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें