क्या इससे भारत को फायदा होगा?
गडकरी के अनुसार, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी से भारत का निर्यात बाजार (एक्सपोर्ट मार्केट) ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेगा।
कम लागत का मतलब है कि भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में सस्ते और आकर्षक बनेंगे।
अन्य देशों की तुलना में भारत कहां खड़ा है?
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अमेरिका: लगभग 12 प्रतिशत
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यूरोप: लगभग 12 प्रतिशत
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चीन: 8-10 प्रतिशत
इस तुलना में भारत अब बेहतर स्थिति में पहुंच रहा है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर को लेकर क्या लक्ष्य है?
गडकरी ने कहा कि भारत का लक्ष्य दुनिया की नंबर-1 ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बनना है।
उन्होंने बताया कि:
वैश्विक स्तर पर ऑटो इंडस्ट्री का आकार क्या है?
भारत फिलहाल तीसरे स्थान पर है।
रोजगार और अर्थव्यवस्था में ऑटो सेक्टर की क्या भूमिका है?
ऑटोमोबाइल सेक्टर:
क्या बायोफ्यूल और वैकल्पिक ऊर्जा पर जोर बढ़ेगा?
गडकरी ने कहा कि वेस्ट एशिया संकट के कारण कई एशियाई देशों में ईंधन की कमी देखने को मिली है।
ऐसे में बायोफ्यूल और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देना जरूरी है। यह आर्थिक और पर्यावरण दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर क्या योजना है?
सरकार ने देशभर में 10 हाईवे स्ट्रेच चिन्हित किए हैं, जहां ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रक चलाए जाएंगे।
इन मार्गों पर हाइड्रोजन फ्यूल स्टेशन भी लगाए जाएंगे, जिन्हें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा स्थापित किया जाएगा।
क्या मेटल इंडस्ट्री का भी इसमें योगदान है?
गडकरी ने कहा कि देश के विकास में मेटल इंडस्ट्री की अहम भूमिका है।
उन्होंने यह भी बताया कि वेस्ट मेटल (कचरा धातु) का इस्तेमाल सड़क निर्माण में किया जा सकता है। जिससे लागत और संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा।
क्या यह बदलाव भविष्य के लिए अहम है?
लॉजिस्टिक्स लागत में कमी, वैकल्पिक ईंधन पर जोर और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास- ये सभी कदम भारत को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।