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Car Exports: घरेलू मांग कमजोर, लेकिन निर्यात मजबूत, पैसेंजर कार सेगमेंट को सहारा

Sat, 14 Feb 2026 05:02 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जनवरी 2026 में पैसेंजर कार एक्सपोर्ट में तेजी से बढ़ोतरी हुई। जबकि इस सेगमेंट में उत्पादन और घरेलू डिस्पैच में साल-दर-साल गिरावट देखी गई। 
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Car Export - फोटो : Nissan
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विस्तार
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जनवरी 2026 में पैसेंजर कार सेगमेंट में मिश्रित रुझान देखने को मिला। घरेलू बिक्री और उत्पादन में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई, लेकिन तेजी से बढ़े निर्यात (एक्सपोर्ट) ने इस कमजोरी की भरपाई कर दी। यह जानकारी सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) द्वारा जारी आंकड़ों में सामने आई है।

पैसेंजर कार एक्सपोर्ट में कितनी बढ़ोतरी हुई?

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जनवरी 2026 में पैसेंजर कार एक्सपोर्ट 43.6 प्रतिशत उछलकर 37,329 यूनिट्स पर पहुंच गया। इसके मुकाबले जनवरी 2025 में 25,990 यूनिट्स का निर्यात हुआ था।
यह बढ़ोतरी ऐसे समय आई है जब सेगमेंट में उत्पादन और घरेलू बिक्री, दोनों पर दबाव बना हुआ है। 

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उत्पादन और घरेलू बिक्री क्यों घटी?
SIAM के आंकड़ों के मुताबिक-

  • उत्पादन 5.5% घटकर 1,48,623 यूनिट रह गया (जनवरी 2025 में 1,57,300 यूनिट्स)
  • घरेलू बिक्री 5.1% घटकर 1,20,636 यूनिट रही (पिछले साल 1,27,065 यूनिट्स)

Maruti Suzuki और Hyundai का प्रदर्शन

एक्सपोर्ट में Maruti Suzuki आगे क्यों रही?

पैसेंजर कार एक्सपोर्ट में मारुति सुजुकी ने बढ़त बनाए रखी। कंपनी ने जनवरी 2026 में 23,149 यूनिट्स का निर्यात किया। जबकि जनवरी 2025 में यह आंकड़ा 12,747 यूनिट्स था।
हालांकि,

  • उत्पादन घटकर 1,08,944 यूनिट्स रहा (पिछले साल 1,19,400)
  • घरेलू बिक्री घटकर 87,006 यूनिट्स रह गई (जनवरी 2025 में 97,256)

Hyundai ने घरेलू बाजार में मजबूती कैसे दिखाई? 
ह्यूंदै उन चुनिंदा कंपनियों में रही, जिन्होंने घरेलू बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की।

  • एक्सपोर्ट बढ़कर 12,550 यूनिट्स (जनवरी 2025 में 10,214)
  • घरेलू बिक्री 22,188 यूनिट्स रही, जो एक साल पहले 16,917 यूनिट्स थी

यह ऐसे समय में हुआ, जब कुल सेगमेंट घरेलू स्तर पर दबाव में रहा।

अन्य कंपनियों के आंकड़े क्या बताते हैं?

  • होंडा: एक्सपोर्ट घटकर 439 यूनिट्स (पिछले साल 863)
  • फॉक्सवैगन: 377 यूनिट्स (जनवरी 2025 में 1,192)
  • रेनो: 228 यूनिट्स (पिछले साल 339)

क्या सालाना ट्रेंड अब भी मजबूत है?

अप्रैल-जनवरी के आंकड़े क्या संकेत देते हैं?

वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से जनवरी तक-

  • एक्सपोर्ट बढ़कर 3,76,696 यूनिट हो गया (पिछले साल 3,38,840)

  • उत्पादन बढ़कर 14,87,446 यूनिट रहा (पिछले साल 14,20,959)

  • घरेलू बिक्री भी मामूली बढ़त के साथ 11,23,748 यूनिट पर पहुंची (पिछले साल 11,03,580)

ये आंकड़े दिखाते हैं कि जनवरी में दिखी गिरावट पूरे साल की कमजोरी का संकेत नहीं है।

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ऑटो इंडस्ट्री के लिए इसका क्या मतलब है?
SIAM के जनवरी 2026 के आंकड़ों से यह साफ है कि पैसेंजर कार सेगमेंट में री-बैलेंसिंग हो रही है।
जहां घरेलू बाजार में सुस्ती दिखी, वहीं एक्सपोर्ट ने OEM को सहारा दिया। कम उत्पादन और डीलर डिस्पैच के बावजूद कंपनियों ने विदेशों में ज्यादा गाड़ियां भेजकर कुल बिक्री को संतुलित बनाए रखा।

फिलहाल पैसेंजर कार इंडस्ट्री के लिए एक्सपोर्ट एक मजबूत सहारा बनकर उभरा है। जो घरेलू मांग में उतार-चढ़ाव के असर को काफी हद तक कम कर रहा है।

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