केंद्र सरकार का प्रस्तावित V2V (व्हीकल-टू-व्हीकल) फ्रेमवर्क क्या है और यह कब से लागू होगा?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने हाल ही में देश में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से व्हीकल-टू-व्हीकल (V2V) कम्यूनिकेशन सिस्टम का एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है।
- लागू होने की समय-सीमा: प्रस्तावित ड्राफ्ट के तहत अक्तूबर 2028 से निर्मित होने वाले सभी नए वाहनों में AIS-230 मानकों के अनुरूप V2V सिस्टम लगाना अनिवार्य किया जाएगा।
- तकनीक कैसे काम करेगी: इस टेक्नोलॉजी के जरिए गाड़ियां आपस में रियल-टाइम स्पीड, लोकेशन और दिशा जैसे डेटा का आदान-प्रदान करेंगी।
- सुरक्षा अलर्ट: इस सिस्टम की मदद से ड्राइवरों को अचानक ब्रेक लगने, आगे से टक्कर के खतरे, असुरक्षित लेन बदलने और पीछे से आ रहे आपातकालीन वाहनों (जैसे एम्बुलेंस) के बारे में तुरंत चेतावनी मिल सकेगी।
Connected Car Technology
- फोटो : Freepik
ह्यूंदै की 'ब्लूालिंक' तकनीक में कौन-कौन से फीचर्स मिलते हैं?
ह्यूंदै ने सबसे पहले 2019 में अपनी कॉम्पैक्ट एसयूवी ह्यूंदै वेन्यू (Hyundai Venue) के साथ भारत में Hyundai Bluelink (ह्यूंदै ब्लूालिंक) तकनीक की शुरुआत की थी। आज इस प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा, सुविधा और कनेक्टिविटी से जुड़े 70 से अधिक फीचर्स उपलब्ध हैं:
- स्मार्ट कनेक्टिविटी फीचर्स: रिमोट वाहन निगरानी, व्हीकल हेल्थ डायग्नोस्टिक्स, लोकेशन ट्रैकिंग, ट्रिप हिस्ट्री, रिमोट कमांड्स, ह्यूंदै पे (Hyundai Pay) के जरिए इन-कार भुगतान, डिजिटल की (Digital Key), डिजिटल पासपोर्ट, रिमोट इमॉबिलाइजर और होम-टू-कार कनेक्टिविटी।
- AI वॉइस कमांड्स: यह सिस्टम 5 भाषाओं में 450 से अधिक एआई-पावर्ड वॉइस कमांड्स को सपोर्ट करता है।
- आपातकालीन सहायता: कंपनी के अनुसार, ब्लूालिंक की SOS और रोडसाइड असिस्टेंस सेवाओं के माध्यम से 5 लाख से अधिक वाहन चालकों को मदद पहुंचाई जा चुकी है। इसके अलावा, इसने लगभग 15,000 क्रैश नोटिफिकेशन इंटरवेंशन में सहायता की है। और चोरी हुए वाहनों को ट्रैक कर बरामद कराने में पुलिस एजेंसियों की मदद की है।
सॉफ्टवेयर डिफाइंड व्हीकल (SDV) को लेकर ह्यूंदै का भविष्य का रोडमैप क्या है?
ह्यूंदै अपने सॉफ्टवेयर डिफाइंड व्हीकल (SDV) रोडमैप के तहत भविष्य के लिए कई बड़े तकनीकी कदम उठा रही है:
- 2030 का बड़ा लक्ष्य: कंपनी का लक्ष्य 2030 तक कुल 20 लाख से अधिक कनेक्टेड कारें बेचने का है।
- ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट्स: ह्यूंदै ने ओवर-द-एयर (OTA) मैप अपडेट्स, नेक्स्ट-जेनरेशन ऑडियो वीडियो नेविगेशन टेलीमैटिक्स टेक्नोलॉजी और 2025 में कंट्रोलर OTA अपडेट क्षमता के साथ 'कनेक्टेड कार नेविगेशन कॉकपिट' (ccNC) पेश किया है।
- मास-मार्केट EV में स्टैंडर्ड फीचर: कंपनी की आगामी मास-मार्केट इलेक्ट्रिक एसयूवी के सभी वेरिएंट्स में नेक्स्ट-जेनरेशन कनेक्टेड-कार तकनीक स्टैंडर्ड तौर से दी जाएगी। जिससे इलेक्ट्रिक और कनेक्टेड मोबिलिटी दोनों एक साथ आगे बढ़ेंगी।
यह सभी प्रगति इस बात का संकेत है कि भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग अब केवल दैनिक सुविधा वाले फीचर्स से आगे बढ़कर प्रोएक्टिव सेफ्टी और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम की दिशा में तेजी से बदलाव की ओर अग्रसर है।