साउथ कोरियाई कार कंपनी ह्यूंदै की ओर से महाराष्ट्र में जनरल मोटर्स के तालेगांव प्लांट के संभावित अधिग्रहण के लिए टर्म शीट पर साइन करने की जानकारी दी गई है। अब जनरल मोटर्स के इस प्लांट में ह्यूंदै की कारों का निर्माण होगा।
क्या होगा शामिल
ह्यूंदै की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक दोनों कंपनियां जिस टर्म शीट पर साइन करेंगी उसमें जमीन, प्लांट और मैन्युफैक्चरिंग मशीनें शामिल होंगी। जनरल मोटर्स के इस प्लांट को साल 2020 के दौरान बंद कर दिया गया था। तालेगांव प्लांट का इस्तेमाल जनरल मोटर्स की ओर से असेंबली और पावरट्रेन प्रोडक्शन फेसिलिटी के तौर पर किया जाता था।
कंपनी ने क्या कहा
ह्यूंदै की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक प्रस्तावित अधिग्रहण निश्चित संपत्ति खरीद समझौते पर साइन करने और पूर्ववर्ती शर्तों की पूर्ति और प्रांसगिक सरकारी प्राधिकरणों और अधिग्रहण से संबंधित सभी हितधारकों से नियामक अनुमोदन प्राप्त करने के अधीन है।
जीएम कर रही थी कोशिश
साल 2020 में प्लांट के बंद होने के बाद से ही जनरल मोटर्स की ओर से कोशिश की जा रही थी कि कोई अन्य कंपनी इस प्लांट को खरीद सके। लेकिन अब ह्यूंदै और जीएम के बीच टर्म शीट साइन होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि यहां पर एक बार फिर से काम शुरू किया जा सकता है।
कितना बड़ा है ह्यूंदै का पोर्टफोलियो
ह्यूंदै साउथ कोरियाई कार निर्माता है। जो भारत में लंबे समय से अपनी कारों की बिक्री करती है। मौजूदा समय में ह्यूंदै भारत में कुल 12 उत्पादों को पेश करती है। इनमें ग्रैंड आई-10 नियोस, आई-20, आई-20 एन लाइन, ऑरा, वेन्यू, वेन्यू एन लाइन, वर्ना, क्रेटा, अल्काजार, ट्यूशॉ, कोना इलेक्ट्रिक और आयोनिक-5 जैसी कारें शामिल हैं।
कब आई थी जनरल मोटर्स
जनरल मोटर्स अमेरिकी वाहन निर्माता है जो भारत में 1918 से मौजूद थी। कंपनी 1928 में मुंबई में एक फैक्ट्री को खोला था लेकिन 1958 में यह अन्य विदेशी कंपनियों के साथ भारत से चली गई थी। जिसके बाद एक बार फिर यह 1995 में भारत आई लेकिन 22 साल के बाद दोबारा कंपनी भारत से चली गई। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जीएम को साल 2015 से ही घाटा होने लगा था, जिसके बाद से कंपनी के कुछ प्लांट्स को बंद करना पड़ा था।