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HFCEV: प्रह्लाद जोशी ने कहा- भारत के स्वच्छ भविष्य को आकार देने में हाइड्रोजन फ्यूल-सेल ईवी होंगे निर्णाक

Thu, 11 Dec 2025 06:39 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार को हाइड्रोजन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक गाड़ियों की शुरुआत को भारत के स्वच्छ भविष्य को आकार देने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
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New and Renewable Energy Minister Pralhad Joshi - फोटो : X/@JoshiPralhad
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विस्तार
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नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार को हाइड्रोजन फ्यूल-सेल इलेक्ट्रिक वाहनों को भारत के स्वच्छ भविष्य की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम करार दिया। मंत्री ने जापानी वाहन निर्माता टोयोटा द्वारा निर्मित हाइड्रोजन फ्यूल-सेल इलेक्ट्रिक कार 'मिराई' चलाकर नए संसद भवन तक यात्रा की। ताकि देश में एडवांस्ड हाइड्रोजन मोबिलिटी की संभावनाओं को प्रदर्शित किया जा सके।
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मिराई के साथ हाइड्रोजन मोबिलिटी का प्रदर्शन
सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए जोशी ने बताया कि आज उन्होंने हाइड्रोजन से संचालित टोयोटा मिराई चलाई और उनके साथ राज्य मंत्री श्री श्रीपाद नाईक भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि यह यात्रा बेहद सहज, शांत और आरामदायक थी। शून्य उत्सर्जन वाली मिराई हाइड्रोजन मोबिलिटी की उस क्षमता को दिखाती है, जो भारत को स्वच्छ भविष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। 
 
 

ग्रीन हाइड्रोजन भविष्य की ऊर्जा प्रणाली की रीढ़
जोशी ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन तेजी से भविष्य की वैश्विक ऊर्जा प्रणालियों की आधारशिला बनकर उभर रहा है। उन्होंने बताया कि टोयोटा की मिराई कार को वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षण के लिए दिए जाने से नवाचार, औद्योगिक विशेषज्ञता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण तीनों का संगम भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा को आगे बढ़ाएगा।

मंत्री ने कहा कि मिराई का नाम, जिसका जापानी में अर्थ 'भविष्य' है, भारत के स्वच्छ, हरित और टिकाऊ परिवहन प्रणाली के लक्ष्य को दर्शाता है। 

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New and Renewable Energy Minister Pralhad Joshi - फोटो : PTI
वास्तविक परिस्थितियों में होगा व्यापक परीक्षण
टोयोटा और राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE) (एनआईएसई) के बीच हुए समझौते (एमओयू) के तहत मिराई का वास्तविक परिस्थितियों में विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। एनआईएसई विभिन्न मौसम व सड़क स्थितियों जैसे गर्मी, धूल, ट्रैफिक जाम, ऊबड़-खाबड़ भूभाग में वाहन की क्षमता का मूल्यांकन करेगा। 

जोशी ने बताया कि हाइड्रोजन फ्यूल-सेल वाहन पूरी तरह स्वच्छ, शांत और शून्य-उत्सर्जन वाले होते हैं, जिनसे निकासी के तौर पर सिर्फ पानी निकलता है। उन्होंने बताया कि फ्यूल-सेल तकनीक दुनिया भर में कारों, बसों, ट्रकों, ट्रेनों, जहाजों और स्थिर ऊर्जा प्रणालियों में तेजी से अपनाई जा रही है।

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भारत की परिस्थितियों के लिए उपयुक्त तकनीक
मंत्री ने कहा कि हाइड्रोजन मोबिलिटी भारत की स्थितियों के लिए तैयार और अनुकूल है। कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीपाद येस्सो नाईक ने कहा कि मिराई जैसे फ्यूल-सेल इलेक्ट्रिक वाहनों का वास्तविक परीक्षण यह दर्शाता है कि भारत नीति निर्माण से आगे बढ़कर प्रयोगों और फिर इसके व्यवसायिक उपयोग की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

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