हर किसी का सपना होता है कि वह एक बार अपनी कार से पहाड़ी रास्तों का सफर करे। हरियाली, ठंडी हवाएं और ऊंची-नीची घुमावदार सड़कें ड्राइविंग का मजा दोगुना कर देती हैं। लेकिन यह सफर उतना आसान नहीं होता, खासकर बारिश के मौसम में जब सड़कों पर फिसलन बढ़ जाती है। ऐसे में गाड़ी के स्लिप होने का खतरा बना रहता है।
क्यों जरूरी है हिल-होल्ड कंट्रोल
हिल-होल्ड कंट्रोल एक आधुनिक सेफ्टी फीचर है, जिसे खासकर चढ़ाई वाले रास्तों के लिए डिजाइन किया गया है। जब आप किसी ढलान या चढ़ाई पर कार रोकते हैं और फिर से चलाने की कोशिश करते हैं, तो आमतौर पर गाड़ी पीछे की ओर लुढ़क सकती है। इससे टक्कर या दुर्घटना का खतरा रहता है। लेकिन हिल-होल्ड कंट्रोल ब्रेक को कुछ सेकंड के लिए लॉक करके गाड़ी को पीछे जाने से रोकता है और ड्राइवर को एक्सेलेरेटर का इस्तेमाल करने के लिए समय देता है।
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कैसे काम करता है ये फीचर
जब गाड़ी किसी चढ़ाई पर होती है और ब्रेक दबाकर रोकी जाती है, तो यह फीचर एक्टिव हो जाता है। जैसे ही ड्राइवर ब्रेक छोड़ता है, यह सिस्टम अपने आप ब्रेक को थोड़ी देर तक होल्ड करता है। इस दौरान ड्राइवर आराम से एक्सेलेरेटर पर पैर रख सकता है और गाड़ी को बिना स्लिप किए आगे बढ़ा सकता है।
बारिश में कैसे मदद करता है यह फीचर
मानसून के समय पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ जाती है, जिससे वाहन पीछे खिसकने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में हिल-होल्ड कंट्रोल सिस्टम आपकी कार को बैलेंस में रखता है और स्लिपिंग से बचाता है। इससे न केवल ड्राइविंग स्मूद होती है, बल्कि सुरक्षा भी बनी रहती है।
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क्या पुरानी कारों में लगाया जा सकता है
अगर आपकी कार में यह फीचर नहीं है तो कुछ मामलों में इसे आफ्टरमार्केट के तौर पर इंस्टॉल किया जा सकता है। हालांकि, यह हर कार मॉडल के लिए उपलब्ध नहीं होता और इसे लगवाना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसके अलावा, आफ्टरमार्केट इंस्टॉलेशन से कार की वारंटी खत्म हो सकती है। इसलिए, अगर आप नियमित रूप से पहाड़ों पर ड्राइविंग करते हैं तो नई कार खरीदते समय इस फीचर को जरूर प्राथमिकता दें।