भारत सरकार अब देश के वाणिज्यिक वाहन चालकों को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वतंत्र बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में सरकार राइड-हेलिंग मोबिलिटी एप भारत टैक्सी की लॉन्चिंग की जानकारी दी। अमित शाह ने बताया इस एप का उद्देश्य देश के कैब व टैक्सी ड्राइवरों को निजी कंपनियों से निर्भयमुक्त कराना है। साथ ही कमीशन पर भी रोक लगानी है।
कब से शुरू होगा?
मंत्री शाह के अनुसार, भारत टैक्सी एप दिसंबर से ही पूरे देश में शुरू होने की उम्मीद है। जो एमएससीएस अधिनियम 2002 के तहत पंजीकृत सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड की ओर से संचालित की जाएगी। यह देश का पहला ऐसा डिजिटल राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म होगा, जो सहकारी मॉडल के अंदर चलेगा। इसका लाभ सीधे चालक में वितरित किया जाएगा।
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एप की सुविधाएं
यूजर फ्रेंडली मोबाइल बुकिंग सिस्टम, पारदर्शी किराया, लाइव व्हीकल ट्रैकिंग, सुरक्षित और सत्यापित ड्राइवर ऑनबोर्डिंग, बहुभाषी इंटरफेस सपोर्ट और 24/7 ग्राहक सेवा इसकी प्रमुख विशेषताएं होंगी। खास बात यह है कि इसमें जीरो-कमीशन मॉडल लागू होगा, यानी ड्राइवर अपनी हर राइड से पूरी कमाई बिना किसी कटौती के प्राप्त करेंगे। इससे ड्राइवरों की कमाई बढ़ेगी, और यात्रियों को भी पारदर्शी और सुरक्षित सेवाएं उपलब्ध होंगी।
सरकार का मानना है कि भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म ड्राइवरों को आर्थिक सुरक्षा, गरिमा और बेहतर कमाई का अवसर देने में भूमिका निभाएगा। यात्रियों को भी सस्ती और भरोसेमंद कैब सेवाएं मिलेंगी। यह कदम डिजिटल और सहकारी दोनों क्षेत्रों के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।