इस दौरान प्रकाश जावड़ेकर ने लॉकडाउन से उत्पन्न स्थिति से निपटने और इसके समाप्त होने के बाद क्षेत्र को फिर से गति देने के मुद्दे पर अपने सुझाव दिए। साथ ही उद्योगपतियों से उनकी राय भी जानी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में चर्चा का मुख्य विषय लॉकडाउन खत्म होने के बाद की स्थितियों में क्षेत्र में कामकाज को शुरू करने को लकर रहा। बता दें कि ऑटो क्षेत्र देश में सबसे ज्यादा रोगजार देता है। वहीं सभी क्षेत्रों के मुकाबले यह सबसे ज्यादा जीएसटी भी देता है।
बीते साल ऑटो सेक्टर पर बीएस4 से बीएस6 में ट्रांसफॉर्मेशन करने का काफी बोझ पड़ा था। कई लोगों ने खरीद टाल दी थी। वे नए वाहनों का इंतजार कर रहे थे। 2020 में कोरोना संकट के चलते लॉकडाउन होने से क्षेत्र पर काफी असर पड़ा है। बैठक के बाद जावड़ेकर ने कहा कि चर्चा में उद्योगपतियों ने कई सुझावों के साथ अपनी मांगे भी रखी हैं। इनमें जीएसटी घटाना, रोजगार समर्थन देना और रीटेल चेन, सप्लायर व लिक्विडिटी सपोर्ट भी शामिल है।
जावड़ेकर ने उद्योगपतियों से कहा कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद कर्मचारियों की विभिन्न बैच में जांच कराएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए काम शुरू करें। बैठक में राजन वढेरा, आरसी भार्गव, पवन गोयनका, पवन मुंजाल, शैलेश चंद्र जैसे कई उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया।