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EV: ई-स्कूटर खरीदारों के लिए बड़ी राहत! इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर सब्सिडी की समयसीमा बढ़ा सकती है सरकार

Wed, 22 Jul 2026 06:31 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अगर आप नया इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर हो सकती है। केंद्र सरकार पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी को आगे भी जारी रखने पर विचार कर रही है।
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Electric Two Wheelers Subsidy News - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E2W) खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों और पूरे ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए एक राहतभरी खबर सामने आई है। भारी उद्योग मंत्रालय इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए सब्सिडी की सीमा या इसकी समयसीमा को आगे बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। पीएम ई-ड्राइव (PM E-DRIVE) योजना के तहत आवंटित बजट की भारी मांग और जबरदस्त सफलता को देखते हुए सरकार इस पहल के लिए अतिरिक्त बजटीय सहायता का इंतजाम कर सकती है। 

 

सरकार किस प्रस्ताव पर विचार कर रही है?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आधिकारिक सूत्रों ने बताया है कि, मंत्रालय 31 जुलाई के बाद भी देश में निर्मित इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए सब्सिडी जारी रखने की योजना बना रहा है। चूंकि 10,900 करोड़ रुपये की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत तय की गई राशि पहले ही आवंटित की जा चुकी है, इसलिए इसे आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त फंड की आवश्यकता होगी। सब्सिडी की राशि घरेलू स्तर पर निर्मित इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए प्रति वाहन लगभग 5,000 रुपये बनाए रखे जाने की संभावना है।

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कब शुरू हुई थी PM E-Drive योजना और क्या रहे इसके बिक्री के आंकड़े?

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत की थी। जिसने अपने तय लक्ष्यों को समय से पहले ही हासिल कर लिया है:

  • सितंबर 2024 में शुरुआत:
    पीएम ई-ड्राइव योजना को आधिकारिक तौर पर सितंबर 2024 में लॉन्च किया गया था।

  • इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बंपर बिक्री:
    योजना के तहत 25 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री का लक्ष्य रखा गया था। जिसके मुकाबले भारत में 27 लाख यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की जा चुकी है।

  • तीन पहिया वाहनों ने भी तोड़ा रिकॉर्ड:
    उद्योग जगत ने 2,89,000 यूनिट्स के तय लक्ष्य को पीछे छोड़ते हुए 2,97,000 इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहन (E3W) बेचे हैं।

  • विस्तार पर विचार:
    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए सब्सिडी का विस्तार करने के प्रस्तावों पर फिलहाल विचार चल रहा है।

सरकार ने सब्सिडी बढ़ाने पर क्या संकेत दिए हैं?

रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए सब्सिडी की अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव पर फिलहाल विचार किया जा रहा है।

हालांकि, अभी इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय घोषित नहीं किया गया है।

विभिन्न श्रेणियों के लिए कितना बजट आवंटित हुआ और कितना खर्च किया गया?

केंद्र सरकार द्वारा पीएम ई-ड्राइव योजना के 10,900 करोड़ रुपये के कुल बजट में से अलग-अलग श्रेणियों को आवंटित और खर्च की गई राशि का विवरण नीचे दिया गया है:

  • इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन (E2W):

    • आवंटन: घरेलू स्तर पर निर्मित इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को सब्सिडी देने के लिए 1,772 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।

    • उपयोग: आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, मार्च के अंत तक इस राशि में से 1,259.91 करोड़ रुपये सब्सिडी के रूप में खर्च किए जा चुके थे।

  • इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहन (E3W):

    • आवंटन: इस श्रेणी के लिए 907 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।

    • उपयोग: इसमें से 737.35 करोड़ रुपये की राशि का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा चुका है।

  • इलेक्ट्रिक बसें (E-Buses) - सबसे बड़ा हिस्सा:

    • बजट आवंटन: योजना के तहत सब्सिडी आवंटन का सबसे बड़ा हिस्सा ई-बसों को मिला है, जिसके लिए 4,391 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

    • बसों की संख्या: इस बजट का उद्देश्य प्रमुख शहरों में 14,028 इलेक्ट्रिक बसें तैनात करना है।

    • खरीद प्रक्रिया: इनमें से 13,800 बसों की खरीद प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, जिसमें पहले टेंडर के तहत 10,900 बसें और दूसरे टेंडर के तहत 2,900 बसें शामिल हैं।

मौजूदा स्थिति: एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत आवंटित की गई पूरी राशि पहले से ही इस्तेमाल के लिए तय की जा चुकी है। इसलिए सब्सिडी जारी रखने के लिए अब नए फंड की व्यवस्था की जाएगी।

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ई-स्कूटर खरीदने वालों के लिए इसका क्या मतलब है?

रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार 31 जुलाई के बाद भी घरेलू स्तर पर निर्मित इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी जारी रखने की संभावना पर विचार कर रही है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो इसके लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया जा सकता है। जबकि प्रति वाहन लगभग 5,000 रुपये की सब्सिडी बरकरार रहने की संभावना है। हालांकि, फिलहाल इस संबंध में सरकार की ओर से अंतिम फैसला घोषित किया जाना बाकी है।

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