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JSW-Volkswagen: फॉक्सवैगन बेचेगी अपने भारतीय कारोबार की बड़ी हिस्सेदारी? JSW ग्रुप के साथ सौदा अंतिम दौर में!

Tue, 21 Jul 2026 07:56 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार बन चुका है और इसी बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए जर्मनी की ऑटोमोबाइल कंपनी Volkswagen AG बड़ा कदम उठा सकती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी JSW Group के साथ अपने भारतीय कारोबार में हिस्सेदारी बेचने को लेकर उन्नत स्तर की बातचीत कर रही है।
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Volkswagen JSW Deal Negotiation - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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जर्मन ऑटोमोबाइल दिग्गज फॉक्सवैगन (Volkswagen AG) भारत के तेजी से बढ़ते कार बाजार में अपना दबदबा बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। ब्लूमबर्ग (Bloomberg) की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी भारतीय दिग्गज सज्जन जिंदल के नेतृत्व वाले जेएसडब्ल्यू समूह (JSW Group) को अपने भारतीय कारोबार ('स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड') में हिस्सेदारी बेचने के लिए उन्नत स्तर की बातचीत कर रही है।

अगर यह सौदा अंतिम रूप लेता है, तो जेएसडब्ल्यू ग्रुप इस जर्मन कार निर्माता के भारतीय परिचालन में बहुसंख्यक हिस्सेदारी हासिल कर सकता है। दोनों पक्ष अगले कुछ हफ्तों के भीतर किसी संभावित समझौते तक पहुंचने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं।

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Volkswagen - फोटो : Volkswagen

फॉक्सवैगन और JSW डील में क्या-क्या पेच और शर्तें फंसी हुई हैं?

हालांकि दोनों कंपनियों के शीर्ष अधिकारी हाल ही में मिले हैं, लेकिन बातचीत से जुड़े सूत्रों के अनुसार अभी भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है:

  • मूल्यांकन और निवेश पर असहमति:
    सौदे के कुल मूल्यांकन और JSW और फॉक्सवैगन दोनों द्वारा लगाई जाने वाली नई पूंजी की सटीक राशि को लेकर कुछ मतभेद अभी सुलझे नहीं हैं।

  • वार्ता की सफलता पर संशय:
    तीन साल पहले शुरू हुई इस बातचीत में पहले केवल JSW द्वारा महाराष्ट्र के पुणे और छत्रपति संभाजीनगर में स्थित फॉक्सवैगन के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स का उपयोग करने पर ध्यान केंद्रित था। विशेषज्ञों का मानना है कि ताजा बातचीत को कई बाधाओं को पार करना होगा और यह रद्द भी हो सकती है।

  • ईवी निवेश में कटौती:
    फॉक्सवैगन ने हाल ही में भारत के लिए अपने नियोजित नए ईवी प्लेटफॉर्म निवेश को 1 अरब डॉलर से घटाकर लगभग 700 मिलियन डॉलर कर दिया है।

Volkswagen Virtus - फोटो : volkswagen

दो दशकों के बाद भी भारत में फॉक्सवैगन की बाजार हिस्सेदारी इतनी कम क्यों है?

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार है, लेकिन 20 से अधिक वर्षों तक परिचालन करने के बावजूद फॉक्सवैगन समूह को यहां बड़े पैमाने पर विस्तार करने में संघर्ष करना पड़ा है:

  • मात्र 2.5% बाजार हिस्सेदारी:
    स्कोडा, फॉक्सवैगन, ऑडी, पोर्शे, बेंटले और लेम्बोर्गिनी जैसे दिग्गजों को मिलाकर भी फॉक्सवैगन ग्रुप की भारत के पैसेंजर व्हीकल मार्केट में केवल 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह दशक के अंत तक तय किए गए 5 प्रतिशत के लक्ष्य से काफी पीछे है।

  • घरेलू दिग्गजों से कड़ी टक्कर:
    भारत जैसे मूल्य-संवेदनशील बाजार में मारुति सुजुकी, ह्यूंदै, महिंद्रा और टाटा मोटर्स जैसी कंपनियां अपने किफायती मॉडलों के दम पर हावी हैं। जिनके सामने यूरोपीय कंपनियां टिक नहीं पा रही हैं।

  • भारत-विशिष्ट मॉडलों के बावजूद सुस्ती:
    स्कोडा ब्रांड के तहत 'कायलाक' (Kylaq) कॉम्पैक्ट एसयूवी जैसे भारत-विशेष मॉडल पेश किए जाने के बावजूद कंपनी की बाजार हिस्सेदारी में बहुत बड़ा उछाल देखने को नहीं मिला।

Volkswagen Tayron R-Line - फोटो : volkswagen

दोनों कंपनियों के लिए यह संभावित सौदा क्यों बेहद महत्वपूर्ण है?

यह ज्वाइंट वेंचर (JV) दोनों ही कंपनियों के लिए रणनीतिक रूप से बहुत बड़ा कदम साबित हो सकता है:

  • फॉक्सवैगन के लिए फायदा:
    वैश्विक स्तर पर तंगहाली और खर्चों में कटौती के दौर से गुजर रही जर्मन कंपनी के लिए भारत में जोखिम बांटने वाला स्थानीय साझेदार मिल जाएगा। हालांकि, भारतीय यूनिट ने 31 मार्च को समाप्त वर्ष में लाभ में भारी उछाल दर्ज किया है। फिर भी मूल यूरोपीय कंपनी बिना किसी स्थानीय पार्टनर के अकेले धन लगाने से कतरा रही है।

  • JSW ग्रुप के लिए फायदा:
    स्टील से लेकर ईवी तक फैले JSW समूह को फॉक्सवैगन के विश्वस्तरीय व्हीकल प्लेटफॉर्म्स तक सीधी पहुंच मिल जाएगी। यह एक स्थापित यूरोपीय कार निर्माता के साथ आगे के वैश्विक सहयोग के लिए एक मजबूत मंच का काम करेगा।

MG Comet EV with Charger - फोटो : MG Motor India

क्या कहते हैं दोनों कंपनियों के आधिकारिक प्रतिनिधि?

इस संभावित सौदे पर दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं:

  • फॉक्सवैगन के प्रवक्ता का बयान:
    रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के एक प्रवक्ता ने ईमेल के जरिए बताया कि फॉक्सवैगन भारत में अपनी रणनीति को लागू करने के लिए लगातार नए व्यापारिक अवसरों और विकल्पों का मूल्यांकन करती रहती है। स्कोडा ऑटो की वैश्विक विकास योजनाओं के लिए भारत एक बेहद महत्वपूर्ण बाजार है। हालांकि, उन्होंने JSW के साथ चल रही वार्ता पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

  • JSW ग्रुप का रुख:
    JSW ग्रुप के प्रवक्ता ने सौदे पर टिप्पणी की मांग वाले ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया।

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JSW MG Motor MG M9 Electric MPV - फोटो : JSW MG Motor

ऑटोमोबाइल क्षेत्र में दोनों कंपनियों की पिछली साझेदारियां कैसी रही हैं?

यह पहली बार नहीं है जब दोनों में से किसी कंपनी ने रणनीतिक गठजोड़ का प्रयास किया हो:

  • JSW की अन्य साझेदारियां:
    JSW ग्रुप पहले से ही चीन की SAIC मोटर कॉर्प के साथ ज्वाइंट वेंचर में काम कर रहा है, जो भारत में 'MG' ब्रांड की कारें बेचती है। इसके अलावा, JSW की भारतीय बाजार में खुद के 'JSW' ब्रांड वाली कारें पेश करने की भी योजना है।

  • महिंद्रा के साथ फॉक्सवैगन की असफल वार्ता:
    इससे पहले फॉक्सवैगन ने महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के साथ भी साझेदारी की बातचीत की थी। हालांकि, विकास लागतों और कंपनी संस्कृति में अंतर के कारण वह बातचीत टूट गई थी।

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