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EV: गोवा सरकार की बड़ी योजना, बाइक टैक्सी और ऑटो चालकों को ईवी खरीदने पर 50% तक सब्सिडी देने की तैयारी

Sat, 18 Jul 2026 01:30 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गोवा को प्रदूषण मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा और क्रांतिकारी कदम की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्य की टिकाऊ परिवहन रणनीति को लेकर कई बड़े फैसले किए गए। 
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Goa EV Subsidy - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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गोवा सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को तेजी से बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। सरकार लाइसेंसधारी मोटरसाइकिल पायलट (Bike Taxi) और ऑटोरिक्शा चालकों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देने की योजना बना रही है। सरकार इस कदम से पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की जगह स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देना चाहती है।

इस प्रस्ताव की जानकारी मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शुक्रवार को राज्य की सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट स्ट्रैटेजी को लेकर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। यह योजना केवल ईवी सब्सिडी तक सीमित नहीं है। बल्कि चार्जिंग नेटवर्क बढ़ाने, सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ बनाने और उद्योगों में स्वच्छ ऊर्जा अपनाने जैसी कई पहलों का हिस्सा है।

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किन लोगों को मिलेगी 50% तक ईवी सब्सिडी?

सरकार का प्रस्ताव फिलहाल उन लोगों के लिए तैयार किया जा रहा है, जो पहले से लाइसेंस लेकर परिवहन सेवाएं दे रहे हैं।

इसमें शामिल हैं-

  • लाइसेंसधारी मोटरसाइकिल पायलट

  • लाइसेंसधारी ऑटोरिक्शा चालक

सरकार चाहती है कि ये चालक पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहन अपनाएं, जिससे ईंधन पर निर्भरता और प्रदूषण दोनों में कमी लाई जा सके।


सरकार ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए हैं?

आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग को निर्देश दिया है कि वह मौजूदा लाइसेंसधारी बाइक टैक्सी और ऑटोरिक्शा चालकों के लिए सब्सिडी योजना को जल्द अंतिम रूप दे।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य इन चालकों के लिए पेट्रोल वाहन छोड़कर इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर क्या तैयारी की जा रही है?

केवल इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहन देना ही सरकार का लक्ष्य नहीं है, बल्कि उनके उपयोग को आसान बनाने के लिए चार्जिंग नेटवर्क का भी विस्तार किया जाएगा।

योजना के तहत-

  • PM E-Drive Scheme (पीएम ई-ड्राइव स्कीम) के अंतर्गत

  • राज्य में 70 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

सरकार का मानना है कि चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियां कम होंगी।


उद्योगों और व्यावसायिक संस्थानों के लिए क्या नई नीति बनेगी?

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले डीजल जनरेटर सेट को चरणबद्ध तरीके से बदलने के लिए नई नीति तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं।

प्रस्तावित नीति के तहत स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा।

किन विकल्पों को मिलेगा प्रोत्साहन?

  • बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम 

  • बैटरी स्टोरेज के साथ सोलर फोटोवोल्टिक सिस्टम

  • जहां संभव हो वहां गैस आधारित सिस्टम

  • अन्य टिकाऊ और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकें

सरकार चाहती है कि उद्योग और व्यावसायिक संस्थान धीरे-धीरे डीजल आधारित ऊर्जा स्रोतों से स्वच्छ विकल्पों की ओर बढ़ें।

नई नीति में किन बातों पर विशेष जोर दिया जाएगा?

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने अधिकारियों से कहा है कि प्रस्तावित नीति केवल दिशा-निर्देशों तक सीमित न रहे, बल्कि उसे लागू करने की स्पष्ट योजना भी तैयार की जाए।

उन्होंने नीति में शामिल करने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दिया।

नीति में शामिल किए जाने वाले प्रमुख बिंदु

  • स्पष्ट कार्यान्वयन रोडमैप 

  • वित्तीय प्रोत्साहन 

  • सभी संबंधित पक्षों से परामर्श

  • आवश्यक नियामकीय उपाय

सरकार का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव को व्यवस्थित और आसान बनाना है।
 

पुरानी सरकारी बसों को लेकर क्या योजना है?

गोवा सरकार सार्वजनिक परिवहन को भी अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में काम कर रही है।

इसके तहत राज्य के स्वामित्व वाली कदंबा ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KTC) की लगभग 10 वर्ष पुरानी डीजल बसों में CNG इंजन लगाए जाएंगे।

सरकार का मानना है कि इससे इन बसों से होने वाले उत्सर्जन में कमी लाई जा सकेगी।

 

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गोवा की स्वच्छ परिवहन रणनीति में क्या-क्या शामिल है?

सरकार की यह पहल केवल एक सब्सिडी योजना नहीं है, बल्कि राज्य में प्रदूषण कम करने और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था विकसित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

इस रणनीति के प्रमुख बिंदु हैं-

  • बाइक टैक्सी और ऑटो चालकों के लिए 50 प्रतिशत तक ईवी सब्सिडी का प्रस्ताव

  • 70 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना

  • उद्योगों और व्यावसायिक इकाइयों में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना

  • पुरानी KTC डीजल बसों को CNG इंजन से लैस करना

इन सभी पहलों का मकसद राज्य में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाना, वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना है।

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