इंजन स्टार्ट होने में देरी, डैशबोर्ड पर वॉर्निंग लाइट, इलेक्ट्रॉनिक फीचर्स (जैसे पावर विंडो) का धीमा होना, बैटरी का फूलना या गंध आना और टर्मिनल्स पर जंग जमा होना।
Battery Replacement Signs: एक्सपर्ट्स के अनुसार, बैटरी की औसत उम्र 3 से 5 साल होती है, लेकिन खराब ड्राइविंग आदतों और खराब मेंटेनेंस की वजह से यह जल्दी भी जवाब दे सकती है।
1. इंजन स्टार्ट होने में समस्या
अगर चाबी घुमाने या स्टार्ट बटन दबाने पर इंजन तुरंत रिस्पॉन्स नहीं दे रहा है और क्रैंकिंग की आवाज लंबी खींच रही है, तो इस बात का संकेत है बैटरी में पर्याप्त करंट नहीं बचा है। वहीं, बार-बार जंप-स्टार्ट की नौबत आना इस बात की पुष्टि करता है कि अब बैटरी बदलने का वक्त आ गया है।
2. डैशबोर्ड पर बैटरी आइकन का चमकना
आधुनिक कारों के इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में एक लाल रंग का बैटरी सिंबल होता है। अगर ड्राइविंग के दौरान यह लाइट जलती रहती है, तो इसका मतलब है कि या तो बैटरी चार्ज नहीं हो रही है या अल्टरनेटर (चार्जिंग सिस्टम) में खराबी है। इसे नजरअंदाज करना आपको अंधेरे में फंसा सकता है।
3. सुस्त इलेक्ट्रिकल फीचर्स
कमजोर बैटरी का सबसे पहला असर गाड़ी के गैजेट्स पर पड़ता है। अगर आपकी पावर विंडो पहले से धीरे ऊपर-नीचे हो रही है, रात में हेडलाइट्स की रोशनी मद्धम यानी की डिम लग रही है या इंफोटेनमेंट स्क्रीन बार-बार रिबूट हो रही है, तो बैटरी चेक करवाएं।
4. फिजिकल डैमेज
एक बार बैटरी के केस (Body) पर नजर जरुर डालें। अगर वह कहीं से फूला हुआ या टेढ़ा-मेढ़ा दिख रहा है, तो यह ओवरहीटिंग का नतीजा हो सकता है। इसके अलावा, अगर बोनट खोलने पर सड़े हुए अंडे जैसी गंध आए, तो यह केमिकल लीकेज का संकेत है। ऐसी स्थिति में फौरन बैटरी बदलें, क्योंकि यह फट भी सकती है।
5. टर्मिनल्स पर सफेद या नीला पाउडर (जंग)
बैटरी के कनेक्शन पॉइंट्स पर अगर सफेद या नीले रंग का जमाव दिख रहा है, तो यह एसिड लीकेज और जंग की निशानी है। यह जमाव करंट के फ्लो को रोकता है, जिससे गाड़ी स्टार्ट नहीं होती। इसे साफ करने के बाद भी अगर यह बार-बार लौटे, तो बैटरी अपनी उम्र पूरी कर चुकी है।
Weak Car Battery Symptom: क्यों जरूरी है समय पर बैटरी बदलना?
- बीच रास्ते गाड़ी बंद होने से बचा जा सकता है।
- इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की सुरक्षा बढ़ती है।
- इंजन स्टार्टिंग की विश्वसनीयता बढ़ती है।
- महंगे रिपेयर से बचाव होता है।