आज से हाइवे पर सफर करने वालों के लिए एक छोटा लेकिन अहम बदलाव लागू हो गया है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने फास्टैग वार्षिक पास की कीमत में 75 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है, जिससे अब इसकी फीस 3,075 रुपये हो गई है। यह बदलाव आज, एक अप्रैल 2026 से प्रभावी हो चुका है और सीधे तौर पर उन लाखों निजी वाहन मालिकों को प्रभावित करेगा जो रोजाना या बार-बार टोल प्लाजा पार करते हैं।
छोटा इजाफा, बड़ा असर?
हालांकि 75 रुपये की बढ़ोतरी मामूली लग सकती है, लेकिन यह फास्टैग वार्षिक पास के लॉन्च के बाद पहली कीमत वृद्धि है। यह पास पिछले साल अगस्त में शुरू किया गया था, जिसका मकसद बार-बार रिचार्ज की झंझट खत्म करना, कैशलेस टोल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देना और नियमित यात्रियों के लिए सुविधा को बढ़ावा देना है।
Private vehicle FASTag annual plan: कौन उठा सकता है लाभ?
यह संशोधित शुल्क केवल निजी श्रेणी के वाहनों जैसे कार, जीप और वैन पर लागू है। कमर्शियल व्हीकल्स यानी की व्यावसायिक वाहनों को फिलहाल इस वार्षिक पास योजना से बाहर रखा गया है। यह उन लोगों के लिए सबसे उपयोगी है जो दिल्ली-एनसीआर जैसे क्षेत्रों में रोजाना कम्यूट करते हैं या अक्सर इंटर-सिटी ट्रैवल करते हैं।
यानी सुविधा वही, बस कीमत थोड़ी ज्यादा।
Toll plaza cashless payment India: क्या सुविधाएं मिलती हैं ?
नई कीमत के बावजूद पास की शर्तों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
- वैधता: 1 साल या 200 टोल क्रॉसिंग ही है, जो पहले थी।
- लागू: देशभर के 1,150 से अधिक टोल प्लाजा पर सफर कर सकते हैं।
- केवल: सिर्फ निजी यानी की गैर-व्यावसायिक वाहन पर यह नियम लागू होगा। यानी सुविधा वही, बस कीमत थोड़ी ज्यादा।
क्यों बढ़ रही है लोकप्रियता?
फास्टैग वार्षिक पास के सब्सक्राइबर्स की संख्या 56 लाख पार कर चुकी है। इसकी सबसे बड़ी वजह कैशलेस ट्रांजेक्शन और बार-बार फास्टैग वाॅलेट टॉप-अप करने से छुटकारा मिलना है। यानी की एक बार 3,075 रुपये का भुगतान करने के बाद, चालक बिना रुके टोल प्लाजा से गुजर सकते हैं, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होती है।
ये कितना फायदेमंद?
अगर फायदे की बात करें तो इसके बाद बार-बार रिचार्ज की जरूरत नहीं पड़ती। तेज और कैशलेस टोल पासिंग हो जाती है। सबसे बड़ी बात नियमित यात्रियों के लिए लागत में बचत होती हैं। हालांकि कुछ एक्सपर्ट इसके नुकसान के बारे में भी बात करते हैं। जैसे सीमित 200 ट्रिप की कैप, कम उपयोग करने वालों के लिए कम फायदेमंद और अब थोड़ी ज्यादा कीमत का होना।