Tesla Roadster क्या सच में उड़ने वाली कार है?
टेस्ला की रोडस्टर का नाम नाम उड़ने वाली कारों की चर्चा में आ रहा है, लेकिन इसे eVTOL या पारंपरिक रोडेबल एयरक्राफ्ट समझना सही नहीं होगा। मस्क ने इसके लिए संपीड़ित हवा यानी कंप्रेस्ड हवा से चलने वाले थ्रस्टर और विशेष तकनीक की बात की है। प्रदर्शन में कार से जुड़े छोटे हॉप या कलाबाजी जैसे करतब दिखाने की चर्चा हुई है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि रोडस्टर विमान की तरह लगातार उड़ सकती है। टेस्ला इसका उत्पादन 2028 तक कर सकती है।
उड़ने वाली कारें सफल क्यों नहीं हो पाईं?
इतने लंबे समय से कोशिशों के बावजूद उड़ने वाली कारें आम लोगों तक क्यों नहीं पहुंचीं? इसकी कई वजहें हैं।
1. दो तरह की सुरक्षा की चुनौती: रोडेबल एयरक्राफ्ट को सड़क पर कार और हवा में विमान, दोनों के मानकों को पूरा करना पड़ता है। दोनों के लिए अलग डिजाइन, परीक्षण और मंजूरियां जरूरी हो सकती हैं।
2. प्रमाणन में समय: विमानन नियामक सुरक्षा के मामले में विस्तृत परीक्षण और दस्तावेजों की मांग करते हैं। किसी प्रोटोटाइप की सफल उड़ान से नियमित यात्री सेवा की अनुमति अपने आप नहीं मिलती। एफएए भी नए eVTOL विमानों के प्रमाणन और उन्हें मौजूदा एयरस्पेस में सुरक्षित तरीके से शामिल करने की प्रक्रिया पर काम कर रहा है।
3. लागत और सीमित बाजार: उड़ने वाले वाहन में कार और विमान, दोनों की तकनीक का खर्च जुड़ सकता है। एरोकार का उदाहरण बताता है कि सर्टिफिकेशन मिलने के बाद भी पर्याप्त ऑर्डर न मिलना बड़े पैमाने पर उत्पादन रोक सकता है।
4. रोजमर्रा के इस्तेमाल की मुश्किलें: उड़ने के लिए सुरक्षित जगह, मौसम, रखरखाव, ऊर्जा या ईंधन, प्रशिक्षण और हवाई यातायात के नियमों का ध्यान रखना पड़ता है। इसलिए यह जरूरी नहीं कि कोई वाहन तकनीकी रूप से उड़ सके तो वह हर व्यक्ति के दैनिक सफर के लिए व्यावहारिक भी हो।
5. प्री-ऑर्डर और वास्तविक सफलता में अंतर: किसी कंपनी को हजारों प्री-ऑर्डर मिलना शुरुआती दिलचस्पी दिखाता है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि वाहन तय समय पर बनेगा, मंजूरी हासिल करेगा और बड़ी संख्या में ग्राहकों तक पहुंचेगा।