बेंगलुरु के नजदीक तुमकुरु जिले के गुब्बी कोर्ट से एक बेहद अहम फैसला आया है। कोर्ट ने एक किसान को नाबालिग लड़के को स्पोर्ट्स बाइक देने के अपराध में एक दिन की सजा और 30,000 रुपये का जुर्माना ठोका है। यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह हाल के समय में अपनी तरह का पहला मामला है।
दरअसल, चिक्कबेलावे गांव के रहने वाले किसान नरसिम्हा राजू एन ने अपने बेटे रवि कुमार को अपनी नई Yamaha R15 बाइक चलाने के लिए दी थी। हालांकि, कुमार ने वह बाइक अपने 17 साल के नाबालिग दोस्त को चलाने के लिए दे दी। बीते 31 अक्टूबर 2024 की रात यह नाबालिग तेज रफ्तार में बाइक चला रहा था और गुब्बी में एक प्राइवेट कॉलेज के पास मिट्टी के ढेर से टकरा गया।
नाबालिग ने क्रैश की बाइक
पुलिस चार्जशीट के अनुसार, रवि कुमार किसी काम से तुमकुरु गया था और वहीं उसकी मुलाकात नाबालिग से हुई। नाबालिग ने कहा कि वह 35 किमी दूर उनके घर तक साथ चलेगा। बाइक चलाते वक्त नाबालिग ने रफ्तार पर नियंत्रण खो दिया और हादसे का शिकार हो गया।
हादसे में नाबालिग को आंख, कमर और सिर में गंभीर चोटें आईं। पहले उसे गुब्बी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिर तुमकुरु के एक निजी अस्पताल और बाद में बेंगलुरु के मिंटो अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी आंखों की हालत गंभीर बताई और तुरंत सर्जरी की सलाह दी।
पिता और बेटे दोनों पर जुर्माना
इस मामले की सुनवाई करते हुए जज डी अनुपमा ने नरसिम्हा राजू एन को एक दिन की हिरासत और 25,000 रुपये का जुर्माना सुनाया, जबकि बेटे रवि कुमार पर भी 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया। नाबालिग पर मामला जुवेनाइल कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया है।