वाहन उद्योग के संगठन Federation of of Automobile Dealers Associations (फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन) (FADA) ने अप्रैल 2022 के लिए ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खुदरा बिक्री के आंकड़े जारी किए हैं। आंकड़े बताते हैं कि पिछले दो वर्षों में सभी क्षेत्रों में बिक्री में काफी बढ़ोतरी हुई है, और कारों की बिक्री भी कोविड-19 के पहले की तुलना में ज्यादा है। हालांकि टू-व्हीलर और 3-व्हीलर सेगमेंट में बिक्री कोविड से पहले के स्तर से ज्यादा आंकी गई है। वैश्विक आपूर्ति की कमी का असर उद्योग को लगातार परेशान कर रहा है।
Automobile Sector Cars
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यात्री चार पहिया वाहनों की बिक्री
अप्रैल 2022 में भारत में 2,64,342 यात्री चार-पहिया वाहनों की बिक्री हुई। यह अप्रैल 2021 में बेची गई 2,10,682 कारों से 25.47 प्रतिशत की महत्वपूर्ण छलांग है, जब कोविड-19 से जुड़े प्रतिबंध लागू थे। खास तौर पर, यह 2,36,217 यूनिट्स की तुलना में 11.91 प्रतिशत अधिक है, जो अप्रैल 2019 में कोविड के आने से पहले बेची गई थीं। FADA का कहना है कि ज्यादातर क्षेत्रों के खुलने और संभावित खरीदार अब काम और अन्य गतिविधियों के लिए घर से बाहर निकलने लगे हैं जिससे बिक्री की यह रिकवरी हुई है। ट्रैवल इंडस्ट्री अभी बस तेजी पकड़ने की ओर है, जिससे कारें अभी भी एक आकर्षक और विवेकपूर्ण खरीदारी बनी हुई हैं।
Two Wheeler Sales
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दोपहिया वाहनों की बिक्री
दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री भी अप्रैल 2022 में 38 प्रतिशत बढ़कर 11,94,520 यूनिट्स हो गई, जबकि अप्रैल 2021 में 8,65,628 यूनिट्स थी।
Mahindra e-Alfa Cargo Electric Three Wheeler
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तिपहिया वाहनों की बिक्री
पिछले साल अप्रैल की तुलना में तिपहिया वाहनों की बिक्री में 96 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जबकि ट्रैक्टर की बिक्री में 26 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
Tata Ace Gold Petrol CX small commercial vehicle
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वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री
वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अप्रैल 2021 में बेची गईं 51,515 यूनिट्स के मुकाबले पिछले महीने 78,398 यूनिट्स की बिक्री हुई। एलसीवी, एमसीवी और एचसीवी सहित इस सेगमेंट की सभी श्रेणियां में बिक्री सकारात्मक रही।
Bajaj Auto Bike Plant
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फाडा के अध्यक्ष विंकेश गुलाटी ने कहा, "अप्रैल के महीने में मार्च’22 के बराबर ऑटो रिटेल के आंकड़े देखे गए। जबकि अप्रैल'21 के साथ वर्ष-दर-वर्ष तुलना उच्च विकास दर के साथ सभी श्रेणियों को हरे रंग में दिखाती है, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अप्रैल'21 और अप्रैल'20 दोनों ही कोविड लहर के चरण 1 और 2 के कारण देशव्यापी लॉकडाउन से प्रभावित थे, जहां न के बराबर का कारोबार देखा गया था। इसलिए एक बेहतर तुलना अप्रैल'19 से होगी जो कि एक सामान्य प्री-कोविड महीना था। अप्रैल '22 की अप्रैल'19 से तुलना करने पर पता चलता है कि हम अभी भी बुरे समय से बाहर नहीं हैं क्योंकि कुल खुदरा बिक्री में माइनस 6 प्रतिशत की गिरावट आई है।" हालांकि संगठन ने नजदीकी भविष्य में मामूली रिकवरी की उम्मीद जताई है।