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FADA: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री में 2.3% का उछाल, पेट्रोल दोपहिया वाहनों की मांग घटी

Tue, 05 May 2026 08:17 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

FADA की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2026 में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में 2.3% की वृद्धि हुई, जिसका मुख्य कारण सब्सिडी और कम रखरखाव लागत थी। इसके विपरीत, जीएसटी में बदलावों के बावजूद पेट्रोल स्कूटरों की बाजार हिस्सेदारी में गिरावट आई।
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Electric Two-Wheelers - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FADA) (फाडा) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (E2W) की बिक्री में 2.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं दूसरी ओर, पारंपरिक पेट्रोल से चलने वाले दोपहिया वाहनों की बिक्री में 2.15 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री बढ़ने के मुख्य कारण क्या हैं?

ईवी सेगमेंट में आई इस तेजी के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक जिम्मेदार हैं:

  • सरकारी सहायता: पीएम ई-ड्राइव (PM E-Drive) सब्सिडी के कारण ग्राहकों का रुझान बढ़ा है।

  • कम खर्च: पेट्रोल के मुकाबले इलेक्ट्रिक वाहनों के मालिकाना हक की कुल लागत (ओनरशिप कॉस्ट) और मेंटेनेंस खर्च काफी कम है।

  • ईंधन की बढ़ती कीमतें: पश्चिम एशिया क्षेत्र में अशांति के कारण ईंधन की दरों में संभावित वृद्धि के डर से लोग ईवी को प्राथमिकता दे रहे हैं।

  • विकल्पों की भरमार: मूल उपकरण निर्माताओं (OEM) द्वारा बाजार में उत्पादों की बढ़ती वैरायटी ने ग्राहकों को अधिक विकल्प दिए हैं।

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क्या कीमतों के मामले में ईवी अब पेट्रोल गाड़ियों के बराबर हैं?

बाजार में प्रतिस्पर्धी कीमतों ने इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक सुलभ बना दिया है। उदाहरण के लिए:

  • भारत के सबसे लोकप्रिय पेट्रोल स्कूटर, होंडा एक्टिवा की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹75,583 है।

  • इसकी तुलना में, Hero Vida VX2 Go जैसे इलेक्ट्रिक स्कूटर की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹77,590 है, जो इसे पेट्रोल मॉडल का एक मजबूत विकल्प बनाती है।

पेट्रोल दोपहिया वाहनों की बिक्री में गिरावट क्यों आई?

फाडा की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2026 में पेट्रोल दोपहिया वाहनों की बाजार हिस्सेदारी गिरकर 92.17 प्रतिशत रह गई है, जो अप्रैल 2025 में 94.32 प्रतिशत थी।

  • जीएसटी में कमी का असर नहीं: 350cc से कम इंजन क्षमता वाली बाइक्स पर जीएसटी को संशोधित कर 18 प्रतिशत करने के बावजूद इस सेगमेंट में गिरावट जारी रही।

  • दिग्गज कंपनियों का प्रदर्शन:

    • हीरो मोटोकॉर्प (5.66 लाख यूनिट्स)

    • टीवीएस (4.55 लाख यूनिट्स)

    • बजाज ऑटो (4.39 लाख यूनिट्स)

    • आयशर के स्वामित्व वाली रॉयल एनफील्ड (1.13 लाख यूनिट्स) इन कंपनियों की ऊंची बिक्री संख्या के बावजूद, पूरे पेट्रोल सेगमेंट की ग्रोथ नकारात्मक रही।

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CNG दोपहिया वाहनों के बाजार की क्या स्थिति है?

पेट्रोल की तरह सीएनजी सेगमेंट में भी सुस्ती देखी गई है:

  • सीएनजी दोपहिया वाहनों की बिक्री अप्रैल 2025 के 0.22 प्रतिशत से गिरकर अप्रैल 2026 में मात्र 0.07 प्रतिशत रह गई है।

  • कुल मिलाकर इस सेगमेंट की विकास दर में 0.15 प्रतिशत की गिरावट आई है और यह वर्तमान में स्थिर बना हुआ है।


भारतीय बाजार अब धीरे-धीरे स्थिरता की ओर बढ़ रहा है जहां ग्राहक ईंधन की अनिश्चितता और ऊंचे खर्च से बचने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को एक व्यवहार्य विकल्प के रूप में देख रहे हैं।

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