DL Expire Rules: अगर आपका ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायर हो चुका है तो इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। नियमों के अनुसार एक्सपायरी के बाद लाइसेंस 30 दिनों तक बिना अतिरिक्त शुल्क के रिन्यूअल कराया जा सकता है, लेकिन ज्यादा देरी होने पर जुर्माना भी देना पड़ सकता है। वहीं एक साल से ज्यादा समय तक लाइसेंस रिन्यू न कराने पर लाइसेंस रद्द भी हो सकता है और दोबारा ड्राइविंग टेस्ट देना पड़ सकता है। अच्छी बात ये है कि अब डीएल रिन्यूअल की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो चुकी है।
कितने समय तक वैलिड रहता है ड्राइविंग लाइसेंस?
नियमों के मुताबिक ड्राइविंग लाइसेंस आमतौर पर 20 साल या 40 वर्ष की आयु तक वैलिड रहता है। इसके बाद हर 10 साल में इसे रिन्यू कराना पड़ता है। वहीं, 50 साल की उम्र पार करने के बाद लाइसेंस की वैधता केवल 5 साल ही रह जाती है। हालांकि अच्छी बात यह है कि सरकार लाइसेंस एक्सपायर होने के बाद 30 दिनों का ग्रेस पीरियड देती है। जिसमें चालक बिना पैसे दिए अपना लाइसेंस रिन्यूअल करा सकता है।
देरी हुई तो बढ़ सकती है परेशानी
वहीं, अगर आपने लाइसेंस एक्सपायर होने के 1 साल बाद तक रिन्यू नहीं कराया गया, तो लाइसेंस रद्द माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में नया लाइसेंस बनवाने जैसी पूरी प्रक्रिया दोबारा करनी पड़ सकती है। कुछ मामलों में तो दोबारा ड्राइविंग टेस्ट भी देना पड़ सकता है।
ऑनलाइन कैसे करें डीएल रिन्यू?
अब ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू कराना काफी आसान हो गया है। इसके लिए यूजर्स को सड़क परिवहन मंत्रालय की वेबसाइट पर जाना होगा, इसके बाद वहां से Parivahan Portal पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना पड़ सकता है। इसकी प्रक्रिया बेहद आसान है, जो इस प्रकार है:
- वेबसाइट पर जाकर Driving Licence Related Services चुनें।
- अपना राज्य सेलेक्ट करें।
- डीएल नंबर और जन्म तिथि दर्ज करें।
- फिर रिन्यूअल विकल्प चुनें।
- जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें।
- ऑनलाइन फीस जमा करें।
- रसीद डाउनलोड कर सुरक्षित रखें।
किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ेगी?
इस दौरान चालक को पुराने ड्राइविंग लाइसेंस की, आधार कार्ड या पहचान पत्र की, एड्रेस प्रूफ, पासपोर्ट साइज फाेटो, डिजिटल सिग्नेचर की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन अगर चालक की उम्र 40 वर्ष से अधिक है, तो उसका मेडिकल सर्टिफिकेट भी मांगा जा सकता है।