EV Car Fire while charging Fire hazard from car
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इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगना कोई नई बात नहीं है। और ईवी में आग लगने की घटनाओं की सूची में सबसे ताजा घटना बजाज चेतक की है जो पिछले सप्ताह महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर में हुई थी। बजाज चेतक इलेक्ट्रिक स्कूटर से धुआं निकलता हुआ पाया गया, जो संभवतः ईवी के बैटरी पैक में आग लगने के कारण हुआ था। बजाज ऑटो ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने के जोखिमों के बारे में चिंताओं को फिर से सामने ला दिया है।
दशकों से, पेट्रोल और डीजल जैसे इंटरनल कंब्शन इंजन (ICE) से चलने वाले वाहन, जो पटेरलो और डीजल जैसे दहनशील ईंधनों पर चलते हैं, को आग लगने की घटनाओं के प्रति संवेदनशील माना जाता रहा है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों के तेजी से बढ़ने के साथ, आग लगने की घटनाओं के प्रति इलेक्ट्रिक वाहनों की कमजोरियां सामने आई है। इलेक्ट्रिक वाहन आग लगने की घटनाओं से अछूते नहीं हैं, भले ही वे पेट्रोल या डीजल पर न चलें।
Bajaj Chetak Electric Scooter
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इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगना आम बात नहीं है। लेकिन जब ऐसा होता है तो यह काफी ध्यान आकर्षित करता है। ईवी में आग लगने का मुख्य कारण बैटरी पैक में हाई एनर्जी कंसन्ट्रेशन (उच्च ऊर्जा सांद्रता) है, हाई वोल्टेज बैटरी पैक एक छोटे से क्षेत्र में बहुत अधिक ऊर्जा रखते हैं। अगर बैटरी पैक प्रभावित होता है, तो यह अंदर शॉर्ट सर्किट का कारण बन सकता है। जिससे थर्मल रनवे नाम की घटनाओं की एक सीरीज शुरू हो जाती है। जिसके कारण बैटरी पैक अपनी क्षमता से ज्यादा गर्मी पैदा करता है, जिससे आग लग जाती है। इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी में आग लगने की लगभग 95 प्रतिशत घटनाओं को इग्निशन फायर के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। जबकि शेष पांच प्रतिशत वेपर क्लाउड एक्सप्रोजन की वजह से होती हैं।
EV Battery Fire
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दुर्घटनाओं के कारण होने वाली फिजिकल डैमेज (भौतिक नुकसान), मैन्युफेक्चरिंग डिफेक्ट (विनिर्माण दोष), बैटरी की खराबी, मरम्मत, आगजनी, बाहरी आग या अधिक गर्मी जैसे विभिन्न कारकों के कारण इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी में आग लग सकती है।
अगर आप इलेक्ट्रिक वाहन के मालिक हैं, तो आपको ऐसे जोखिमों के बारे में पता होना चाहिए, जो EV में आग लगने का कारण बन सकते हैं। यहां कुछ सरल लेकिन उपयोगी सुझाव दिए गए हैं। जिनका पालन करके आप अपने इलेक्ट्रिक वाहन को आग लगने से बचा सकते हैं।
चार्ज करने से पहले ईवी के ठंडा होने का इंतजार करें
सफर खत्म होने के तुरंत बाद इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज करने के लिए प्लग इन करना सही नहीं है। क्योंकि सफर से वापस आने पर ईवी के लिए लिथियम-आयन सेल अभी भी गर्म होते हैं। यात्रा खत्म करने के बाद, चार्जिंग के लिए प्लग इन करने से पहले बैटरी को थोड़ा ठंडा होने दें। इससे इलेक्ट्रिक वाहन का बैटरी पैक प्रभावी तरीके से ठंडा हो जाता है। और EV में आग लगने से बचाव होता है।
गर्मी के संपर्क में आने से बचें
गर्मी के संपर्क में आने से बचना इलेक्ट्रिक वाहन में आग लगने के जोखिम को कम करने का एक बेहद कारगर तरीका है। लंबे समय तक सूरज के संपर्क में रहना इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बुरा हो सकता है। क्योंकि सूरज की किरणों से निकलने वाली गर्मी एक्सोथर्मिक रिएकशन को शुरू कर सकती है। और इलेक्ट्रिक वाहन के अंदर गर्मी बढ़ा सकती है। इसलिए, हमेशा ईवी को सीधे धूप में पार्क करने से बचने की सलाह दी जाती है। अगर कोई ढकी हुई पार्किंग उपलब्ध नहीं है, तो कम से कम छाया खोजने की कोशिश करें।
छायादार और उचित वेंटिलेशन वाले क्षेत्र में चार्ज करें
चार्ज करते समय, इलेक्ट्रिक वाहन में लगा लिथियम-आयन बैटरी पैक गर्म हो जाता है। नमी वाले मौसम में ईवी को चार्ज करने से समस्याएं हो सकती हैं। क्योंकि इससे कुछ बैटरी सेल में हवा भर जाती है और उनमें सूजन आ जाती है। इसलिए, ईवी को छायादार जगह पर चार्ज करने की सलाह दी जाती है। और चार्जिंग क्षेत्र में उचित वेंटिलेशन होना चाहिए।
ड्राइविंग की आदतें मायने रखती हैं
ड्राइवर की ड्राइविंग की आदतें न सिर्फ फ्यूल एफिशिएंसी (ईंधन दक्षता) को प्रभावित करती हैं, बल्कि वाहन के स्वास्थ्य पर भी असर डालती है। उबड़-खाबड़ इलाकों में तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने से बैटरी पैक पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके अलावा, कीलों, नुकीले पत्थरों या किसी नुकीली वस्तु पर गाड़ी चलाने से बैटरी पैक को नुकसान हो सकता है। सिर्फ इसलिए कि आपके पास एक शानदार इलेक्ट्रिक एसयूवी है, इसका मतलब यह नहीं है कि आप इसे ऑफरोडिंग के लिए ले जा सकते हैं।
असली OEM द्वारा दिए गए चार्जर का इस्तेमाल करें
इलेक्ट्रिक वाहन की थर्मल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सही चार्जर का इस्तेमाल करना एक महत्वपूर्ण कारक है। आफ्टरमार्केट से ईवी चार्जर खरीदना विनाशकारी हो सकता है। क्योंकि यह आपके इलेक्ट्रिक वाहन के साथ काम करने के लिए पर्याप्त रूप से संगत और सुरक्षित नहीं हो सकता है। इसलिए, हमेशा OEM द्वारा दिए गए असली चार्जर का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
बैटरी खत्म होने या ओवरचार्ज होने से बचें
बैटरी पैक इलेक्ट्रिक वाहन का सबसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट होता है। साथ ही, ईवी में आग लगने की ज्यादातर घटनाएं बैटरी से ही होती हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ईवी बैटरी का चार्ज लेवल 20 से 80 प्रतिशत के बीच होना चाहिए। सुनिश्चित करें कि बैटरी का चार्ज लेवल पूरी तरह खत्म न हो और साथ ही यह ओवरचार्ज भी न हो।