नासिक में मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर हाल ही में इलेक्ट्रिक स्कूटर ले जा रहे एक कंटेनर ट्रक में आग लग गई, जिससे आधे इलेक्ट्रिक वाहन जल कर राख हो गए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आग बहुत भीषण थी, लेकिन इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
आग की घटना कथित तौर पर पाथर्डी फाटा के एक होटल के पास शाम करीब 4:15 बजे हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि CIDCO (सिडको) और अंबाद MIDC (एमआईडीसी) केंद्रों के दमकल कर्मियों ने एक घंटे में आग पर काबू पा लिया। हालांकि, कंटेनर ट्रक द्वारा ले जाए जा रहे जितेंद्र इलेक्ट्रिक के कुल 40 इलेक्ट्रिक स्कूटरों में से 20 आग की वजह से जलकर खाक हो गए। आग लगने की असल वजहों का जांच के बाद पता चल पाएगा।
सरकारी अधिकारियों ने इस घटना को लेकर कहा कि वे जितेंद्र इलेक्ट्रिक के ई-स्कूटर में आग लगने की घटना से अवगत हैं और कंपनी के अधिकारियों को रिपोर्ट देने के लिए बुलाएंगे।
हालांकि ICE (इंटरनल कंब्शन इंजन) वाले वाहनों में आग लगने का खतरा ज्यादा होता है, लेकिन इन वाहनों में लगी लिथियम आयन बैटरी के कारण इलेक्ट्रिक वाहन में लगी आग ज्यादा भीषण हो सकती है। एक बार इलेक्ट्रिक वाहन में आग लग जाए तो उसे बुझाना मुश्किल हो जाता है। लीथियम-आयन बैटरी पर पानी फेंकने से आग की लपटों को बुझाना मुश्किल हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पानी इलेक्ट्रोलाइट में लिथियम को कम कर देता है जिससे हाइड्रोजन गैस निकलती है, जो बेहद ज्वलनशील होती है। इसलिए, ईवी की आग पर पानी फेंकने से लौ की तीव्रता बढ़ जाती है।
हाल के दिनों में, पूरे भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की कई घटनाएं हुई हैं। जबकि उन घटनाओं में इलेक्ट्रिक स्कूटर की एक यूनिट शामिल थीं। लेकिन इस बार कई इलेक्ट्रिक स्कूटर जल गए। हालांकि कंटेनर ट्रक में आग लगने के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है।
भारत में हाल के दिनों में इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की यह पांचवीं घटना है। 26 मार्च को पुणे में ओला इलेक्ट्रिक एस1 प्रो स्कूटर में आग लग गई थी। उसी दिन, तमिलनाडु के वेल्लोर में एक और इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की घटना ने दो लोगों की जान ले ली। 28 मार्च को, तमिलनाडु में एक और इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लग गई, इसके तुरंत बाद चेन्नई में अगले दिन एक और इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लग गई।