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Ethanol: इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल विवाद, जब नीति आयोग ने 2021 में सुझाए थे कम दाम और टैक्स छूट

Sat, 09 Aug 2025 11:51 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पिछले महीने भारत ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य हासिल कर लिया - यह पिछले 11 वर्षों में करीब 13 गुना बढ़ोतरी है। हालांकि इसे लेकर प्रतिक्रिया मिली-जुली रही है।
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Ethanol blending with Petrol - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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पिछले महीने भारत ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य हासिल कर लिया - यह पिछले 11 वर्षों में करीब 13 गुना बढ़ोतरी है। हालांकि इसे लेकर प्रतिक्रिया मिली-जुली रही है। कई वाहन मालिक कार की परफॉर्मेंस पर इसके असर को लेकर चिंतित हैं। जबकि शीर्ष सरकारी अधिकारी वाहनों की सुरक्षा और इंजन परफॉर्मेंस से जुड़े दावों को खारिज कर चुके हैं। फिर भी, कीमत का मुद्दा सबसे बड़ी बहस का केंद्र बना हुआ है। खासकर तब जब कुछ लोग बता रहे हैं कि ईंधन दक्षता (माइलेज) कम हो गई है, लेकिन पेट्रोल की कीमतें वही हैं। 
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कीमत पर विवाद क्यों
इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल, पुराने 'शुद्ध' पेट्रोल से सस्ता होता है। दिल्ली में लगभग 61 रुपये प्रति लीटर (जीएसटी समेत) जबकि सामान्य पेट्रोल करीब 95 रुपये प्रति लीटर है। ऐसे में, सिद्धांत के हिसाब से पेट्रोल पंप पर कीमत कम होनी चाहिए।

लेकिन रिपोर्ट्स बताती हैं कि देश के कई हिस्सों में कीमतें बराबर हैं या कुछ जगहों पर थोड़ी ज्यादा भी। इसकी वजह है टैक्स (एक्साइज ड्यूटी, वैट) और सब्सिडी पॉलिसी, जो इथेनॉल की कम कीमत का फायदा पूरी तरह उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचने देती।

कुछ वाहन मालिकों का दावा है कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर उनकी माइलेज काफी घट गई है, जिससे प्रति किलोमीटर की लागत बढ़ रही है और ईंधन ज्यादा खरीदना पड़ रहा है।

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Ethanol blending with Petrol - फोटो : Adobe Stock
सरकार की सफाई
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस हफ्ते साफ किया कि E20 का माइलेज पर असर सिर्फ "थोड़ा" है। सोशल मीडिया पर मंत्रालय ने बताया कि E10 के लिए डिजाइन और E20 के लिए कैलिब्रेट किए गए वाहनों में माइलेज 1 प्रतिशत से 2 प्रतिशत तक घट सकता है। जबकि बाकी वाहनों में यह गिरावट 3 प्रतिशत से 6 प्रतिशत हो सकती है। मंत्रालय के मुताबिक, बेहतर इंजन ट्यूनिंग और E20-फ्रेंडली पार्ट्स के इस्तेमाल से यह असर और कम किया जा सकता है।

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नीति आयोग की 2021 की सिफारिशें
जून 2021 में नीति आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सफल E20 प्रोग्राम भारत को हर साल करीब 30,000 रुपये करोड़ बचा सकता है और "पेट्रोल से कम कीमत में समान दक्षता" दे सकता है।

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया था कि मिश्रित ईंधन की कीमत सामान्य पेट्रोल से कम रखी जाए, ताकि “कैलोरीफिक वैल्यू में कमी” की भरपाई हो सके और देशभर में इसे स्वीकार किया जा सके। नीति आयोग ने यह भी सिफारिश की थी कि इथेनॉल को ईंधन के रूप में टैक्स में छूट दी जाए।

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Ethanol blending with Petrol - फोटो : Adobe Stock
रिपोर्ट में कहा गया था कि निवेशकों को प्रोत्साहित करने और नई इथेनॉल उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार को पांच साल के लिए इथेनॉल की फ्लोर प्राइस (न्यूनतम कीमत) तय करनी चाहिए, जिसमें सालाना मूल्य वृद्धि का प्रावधान हो, ताकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां लंबे समय तक तय दर पर खरीदारी कर सकें। 

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