गर्मी के मौसम में लंबे ट्रैफिक जाम में फंसने, लगातार ड्राइविंग करने या कूलिंग सिस्टम में खराबी आने से कार का इंजन सामान्य से ज्यादा गर्म हो सकता है। ऐसे में डैशबोर्ड पर टेम्परेचर वॉर्निंग लाइट जलने लगती है या तापमान गेज रेड जोन तक पहुंच सकता है। यह संकेत है कि इंजन को नुकसान से बचाने के लिए तुरंत सही कदम उठाने की जरूरत है।
ऐसे में घबराकर गलत फैसला लेना परेशानी बढ़ा सकता है। गर्म इंजन का बोनट खोलना, रेडिएटर कैप हटाना या उस पर अचानक ठंडा पानी डालना खतरनाक हो सकता है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि इंजन ओवरहीट होने पर क्या करना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए।
ओवरहीटिंग के संकेत मिलने पर न करें लापरवाही
- अगर आपको लगे कि कार का इंजन गर्म हो रहा है, तो सबसे पहले एयर कंडीशनर (एसी) बंद कर दें। इससे इंजन पर पड़ने वाला अतिरिक्त लोड कम करने में मदद मिल सकती है। इसके बाद सड़क की स्थिति और ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए कार को सुरक्षित जगह पर ले जाएं।
- अगर तापमान गेज रेड जोन में पहुंच गया है, चेतावनी लाइट लगातार जल रही है या इंजन से भाप निकल रही है, तो कार को सुरक्षित स्थान पर रोककर इंजन बंद कर दें। ऐसे में ड्राइविंग जारी रखने से इंजन को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
- अगर तापमान सामान्य से थोड़ा बढ़ा है, तो भी चेतावनी को नजरअंदाज न करें। सड़क के बीच में अचानक रुकने के बजाय सुरक्षित जगह तक पहुंचना जरूरी है, बशर्ते ऐसा करना सुरक्षित हो। हाईवे पर गलत जगह कार रोकने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
- कुछ परिस्थितियों में कार का हीटर थोड़ी देर चलाने से इंजन की अतिरिक्त गर्मी कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह केवल सीमित स्थिति में अस्थायी उपाय है। तापमान रेड जोन में पहुंचने, भाप निकलने या गंभीर चेतावनी मिलने पर हीटर चलाकर ड्राइविंग जारी न रखें।
गर्म इंजन का बोनट या कूलेंट कैप तुरंत न खोलें
- इंजन ओवरहीट होने के बाद उसके अंदर मौजूद कूलेंट और दूसरे हिस्से बेहद गर्म हो सकते हैं। ऐसे में बोनट खोलते समय गर्म भाप निकलने का खतरा रहता है। इसलिए कार रोकने के बाद सुरक्षित दूरी बनाए रखें और इंजन को ठंडा होने का समय दें।
- सबसे जरूरी बात है कि यह गर्म इंजन में रेडिएटर कैप या कूलेंट रिजर्वायर का दबावयुक्त ढक्कन तुरंत न खोलें। कूलिंग सिस्टम के अंदर दबाव बना हो सकता है। कैप खोलने पर गर्म कूलेंट बाहर उछल सकता है और त्वचा को गंभीर रूप से जला सकता है।
- इंजन को पर्याप्त ठंडा होने दें। इसके बाद भी कूलेंट का ढक्कन खोलने से पहले कार के मालिकाना मैनुअल में दिए गए निर्देशों का पालन करें। अगर आपको प्रक्रिया की जानकारी नहीं है, तो मैकेनिक की मदद लेना बेहतर है।
बहुत गर्म इंजन पर अचानक ठंडा पानी न डालें
- इंजन ओवरहीट होने पर उसे तुरंत ठंडा करने के लिए ठंडा पानी डालना सही तरीका नहीं है। बहुत गर्म इंजन के हिस्सों पर अचानक ठंडा पानी डालने से तापमान में तेजी से बदलाव हो सकता है, जिससे कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।
- इसके बजाय इंजन को सुरक्षित तरीके से ठंडा होने दें। तापमान सामान्य होने और इंजन पर्याप्त ठंडा होने के बाद कूलेंट लेवल की जांच की जा सकती है। इसके लिए भी वाहन के मैनुअल में दिए गए निर्देशों का पालन करें।
- अगर कूलेंट का स्तर बार-बार कम हो रहा है, तो इसे सामान्य बात समझकर नजरअंदाज न करें। इसकी वजह कूलेंट लीकेज, रेडिएटर में खराबी, वाटर पंप की समस्या या कूलिंग सिस्टम का कोई दूसरा दोष हो सकता है। ऐसी स्थिति में सिर्फ कूलेंट भरना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।
इंजन ठंडा होने के बाद भी ओवरहीटिंग को नजरअंदाज न करें
- कई बार कार रोकने और इंजन को ठंडा होने देने के बाद तापमान सामान्य हो जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि खराबी पूरी तरह ठीक हो गई है। अगर इंजन बार-बार गर्म हो रहा है, तो कूलिंग सिस्टम में कोई समस्या हो सकती है।
- ऐसे में कार को लगातार चलाते रहना नुकसान बढ़ा सकता है। मैकेनिक से रेडिएटर, कूलेंट लेवल, लीकेज, वाटर पंप और कूलिंग सिस्टम के दूसरे जरूरी हिस्सों की जांच करवाएं।
- अगर तापमान चेतावनी दोबारा दिखाई दे, भाप निकले या इंजन से असामान्य आवाज आए, तो ड्राइविंग जारी न रखें। जरूरत पड़ने पर रोडसाइड असिस्टेंस या टोइंग की मदद लें।
कार का इंजन ओवरहीट होने से कैसे बचाएं?
- गर्मी शुरू होने से पहले कार के कूलिंग सिस्टम की जांच कराना उपयोगी रहता है। कूलेंट का स्तर और उसकी स्थिति देखें। रेडिएटर, होज पाइप और कूलिंग सिस्टम में लीकेज के संकेतों पर ध्यान दें। अगर कार का तापमान बार-बार बढ़ता है, तो सर्विस के दौरान इसकी शिकायत जरूर बताएं।
- लंबे सफर पर निकलने से पहले कार की सामान्य जांच कर लें। डैशबोर्ड पर तापमान से जुड़ी चेतावनी दिखाई देने पर उसे नजरअंदाज न करें।