FASTag mandatory India: 10 अप्रैल 2026 से पूरे भारत में टोल प्लाजा को डिजिटल-ओनली कर दिया गया है। टोल प्लाजा पर अब कैश काउंटर पूरी तरह बंद हैं। अब वाहन चालकों को फास्टैग, यूपीआई कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए ही टोल चुकाना होगा। सरकार का लक्ष्य टोल प्लाजा पर लंबी कतारों को खत्म करना, पारदर्शिता बढ़ाना और डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देना है।
आपके सफर में क्या बदलेगा?
नई व्यवस्था के तहत, सभी वाहनों के लिए फास्टैग अनिवार्य कर दिया गया है। टोल प्लाजा पर कैश देने का विकल्प अब खत्म हो चुका है और अगर किसी चालक के पास फास्टैग नहीं है, तो उसे यूपीआई, क्रेडिट या डेबिट कार्ड, नेट बैकिंग या मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करना होगा।
बिना फास्टैग के क्या होगा?
सरकार ने चेतावनी दी है कि बिना फास्टैग वाले वाहनों को टोल प्लाजा पर न केवल रोका जा सकता है, बल्कि उनसे दोगुना टोल भी वसूला जा सकता है। इसलिए, यात्रा से पहले अपने फास्टैग को रिचार्ज रखना और उसे सक्रिय रखना अब अनिवार्य है।
सरकार ये बदलाव क्यों कर रही है?
इस बदलाव के पीछे सरकार के कई उद्देश्य हैं, जैसे:
- समय की बचत: टोल प्लाजा पर अब गाड़ियों को रुककर कैश देने की जरूरत नहीं होगी, जिससे लंबी कतारें खत्म होंगी।
- पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर रोक: डिजिटल लेनदेन से टोल कलेक्शन में लीकेज और भ्रष्टाचार पर पूरी तरह लगाम लगाने में मदद मिल सकेगी।
- तेज आवाजाही: वाहनों की गति तेज होगी, इससे हाइवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। यानी अब किसी को ज्यादा देर तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।