Maharashtra police helmet mandatory: महाराष्ट्र पुलिस अपने ही बल के लिए एक सख्त हेलमेट अनिवार्य नियम लेकर आई है। अब राज्य के हर पुलिसकर्मी को ड्यूटी के दौरान और ड्यूटी के बाहर भी दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। अगर कोई पुलिसकर्मी इस नियम को नजरअंदाज करता है, तो उसे भारी जुर्माना ही नहीं, बल्कि अपने सर्विस रिकॉर्ड में अनुशासनहीनता की एंट्री भी करानी पड़ेगी।
Helmet rule for police employees: कानून का पालन कराने वालों को अब खुद सख्ती का पालन करना पड़ेगा। महाराष्ट्र पुलिस ने अपने सभी कर्मचारियों के लिए दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों को न केवल चालान भरना होगा, बल्कि उनकी फाइलों में अनुशासनहीनता भी दर्ज की जाएगी।
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Maharashtra DGP Sadanand Date: महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (DGP) सदानंद डेट की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद, एडीजी (ट्रैफिक) प्रवीण सालुंखे ने पूरे राज्य के पुलिस बल के लिए हेलमेट अनिवार्य करने का आदेश जारी किया है। आंकड़ों के अनुसार, राज्य के कई जिलों में पुलिसकर्मियों की ओर से हेलमेट का उपयोग 20 प्रतिशत से भी कम है। अब नियम तोड़ने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत जुर्माना तो लगेगा ही, साथ ही इसे एक अनुशासनिक मामला माना जाएगा।
Police service record disciplinary action: क्यों पड़ी इस आदेश की जरूरत?
समीक्षा बैठक में सामने आया कि मुंबई और नागपुर को छोड़कर अन्य जिलों में पुलिसकर्मियों का हेलमेट अनुपालन बेहद चिंताजनक है। पुलिस का मानना है कि कानून के प्राथमिक प्रवर्तक होने के नाते, उन्हें आम जनता के सामने खुद का उदाहरण पेश करना चाहिए। न कि सिर्फ आदेश या निर्देश देना।
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मौत के आंकड़े और हेलमेट की अहमियत
राज्य राजमार्ग पुलिस के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कुल मौतों में 35-40 प्रतिशत दोपहिया वाहन सवार होते हैं। पुलिस विभाग का मानना है कि हेलमेट पहनकर इन मौतों या गंभीर चोटों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
क्या है सजा का प्रावधान?
अगर कोई कर्मचारी या अधिकारी इन नियमों को नहीं मानता है, तो आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है। जैसे
जुर्माना: मोटर वाहन अधिनियम के तहत सामान्य चालान कट सकता है।
खराब छवि: नियम का जानबूझकर उल्लंघन करने को आधिकारिक रूप से अनुशासनहीनता माना जाएगा, जिसे संबंधित कर्मचारी के सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। सभी पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया गया है।