डीसी फास्ट चार्जिंग टेक्नोलॉजी मॉडर्न इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की अहम फीचर्स में से एक बन गई है। चाहे वे कार हों, टू-व्हीलर हों या फिर व्यावसायिक वाहन। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों में डीसी फास्ट चार्जिंग की एक प्रमुख चुनौती हीटिंग की समस्या है। वाहनों को तेजी से चार्ज करने से बैटरी का तापमान बढ़ जाता है। जिससे लंबे समय में थर्मल समस्याएं पैदा हो जाती हैं और बैटरी की लाइफ कम हो जाती है। हालांकि, ऐसा लगता है कि जनरल मोटर्स (जीएम) को इस समस्या का समाधान मिल गया है। ग्रीन कार की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
अमेरिकी ऑटो दिग्गज ने अक्तूबर 2022 में यूनाइटेड स्टेट्स पेटेंट एंड ट्रेडमार्क ऑफिस (यूएसपीटीओ) के साथ एक पेटेंट दायर किया था, जिसे इस साल अप्रैल में सार्वजनिक किया गया था। यह पेटेंट आवेदन एक ऐसी टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन करता है जो डीसी फास्ट चार्जिंग के दौरान इलेक्ट्रिक वाहन के चार्ज पोर्ट को ठंडा करती है। यह फेज चेंज मटेरियल (पीसीएम) के साथ काम करता है। दावा किया जाता है कि यह सामग्री फेज चेंज (चरण परिवर्तन) से गुजरने पर गर्मी को एब्जॉर्ब (अवशोषित) करती है और छोड़ती है। जो इस सामग्री के नाम के मायने बताता है।
दिलचस्प बात यह है कि पीसीएम कूलिंग तकनीक का इस्तेमाल सालों से कंप्यूटरों में हीट सिंक में किया जाता रहा है। अब यह अन्य एप्लीकेशन में भी तेजी से इस्तेमाल किया जा रहा है और जीएम की पेटेंट फाइलिंग इसे और बढ़ावा देती है।
पेटेंट आवेदन की लीक हुई तस्वीरों से पता चलता है कि इस पीसीएम चार्जिंग एप्लीकेशन में, सामग्री को चार्जिंग पोर्ट के आसपास रखा जाएगा। और पोर्ट के जरिए बिजली के फ्लो के कारण फास्ट चार्जिंग प्रक्रिया के दौरान गर्मी को एब्जॉर्ब करते हुए यह ठोस से तरल अवस्था में बदल जाएगी। इस प्रक्रिया के दौरान पीसीएम कूलिंग इफेक्ट प्रदान करता है। वाहन निर्माता कंपनी ने आगे कहा कि अगर तापमान अभी भी पूर्व निर्धारित सीमा से ऊपर चला जाता है, तो एक ऑनबोर्ड कंट्रोलर ऑटोमैटिक तरीके से चार्जिंग कम कर देगा।
इस तकनीक को लागू करने का एक अहम फायदा यह है कि इसके लिए कम चलने वाले पार्ट्स की जरूरत होगी। जिसका मतलब है कि यह कई मॉडर्न वाहनों में इस्तेमाल की जाने वाली लिक्विड कूलिंग टेक्नोलॉजी की तुलना में कम जटिल प्रणाली के रूप में सामने आती है।