ईवी मैन्युफेक्चरिंग इकोसिस्टम (विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र) के विकास का समर्थन करने के लिए डिजाइन की गई इस योजना में डिमांड इंसेंटिव (मांग प्रोत्साहन) के लिए 493.55 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। जिससे 372,215 वाहनों को लाभ होता है। हालांकि, भारी उद्योग मंत्रालय ने साफ किया है कि यदि 31 जुलाई से पहले फंड खत्म हो जाता है तो योजना या उसके कंपोनेंट्स पहले बंद हो सकते हैं। किसी भी क्लेम की प्रोसेसिंग पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर की जाएगी।
इंसेंटिव (प्रोत्साहन) के लिए पात्र होने के लिए, ईवी का निर्माण और पंजीकरण योजना की वैधता अवधि के भीतर होना चाहिए। सब्सिडी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलरों पर तब तक लागू होती है, जब तक फंड खत्म नहीं हो जाता या वाहनों की लक्षित संख्या हासिल नहीं हो जाती।
ईवी बिक्री बढ़ोतरी का अनुमान
दोपहिया उद्योग आगामी वित्तीय वर्ष (FY25) में 7-9 प्रतिशत की स्थिर विकास दर के बारे में आशावादी है। यह माना जाता है कि यह बढ़ोतरी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में वृद्धि से संचालित होगी, जो सरकार की ईएमपीएस 2024 द्वारा समर्थित है।
वित्त वर्ष 23 में, ईवी सेगमेंट ने उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी, जिसमें बिक्री 7.3 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई, जो कुल दोपहिया वाहन बिक्री का 4.54 प्रतिशत है। यह 188 प्रतिशत की साल-दर-साल की बढ़ोतरी का प्रतिनिधित्व करता है।
हाल ही में एक बीसीजी रिपोर्ट भारतीय उपभोक्ताओं के बीच इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बढ़ती लोकप्रियता पर रोशनी डालती है। "आगे बढ़ना: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर विविध भारतीय उपभोक्ता के साथ तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं" शीर्षक वाले अध्ययन में E2W बाजार की विकसित होती गतिशीलता का पता चलता है। रिपोर्ट एक जटिल उपभोक्ता परिदृश्य को प्रकट करती है। जिसमें विविध प्राथमिकताएं और जरूरतें होती हैं, जो उद्योग की रफ्तार को आकार देती हैं।
अध्ययन 10 अलग-अलग कंज्यूमर सेगमेंट्स (उपभोक्ता खंडों) की पहचान करता है। जिनमें से हरेक की अपनी विशिष्ट प्राथमिकताएं होती हैं। जबकि कुछ लोग सामर्थ्य और व्यावहारिकता को प्राथमिकता देते हैं। वहीं अन्य लोग इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के पर्यावरण के अनुकूल और भविष्यवादी पहलुओं से आकर्षित होते हैं। यह विविध मांग विभिन्न लाइफस्टाइल को पूरा करने के लिए ई2डब्ल्यू ऑप्शंस की एक विस्तृत रेंज की जरूरत को रेखांकित करती है।
उत्साहजनक रूप से, रिपोर्ट में भारतीय उपभोक्ताओं के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती स्वीकृति देखी गई है। हर तीन में से एक संभावित दोपहिया खरीदार इलेक्ट्रिक विकल्पों पर विचार कर रहा है। जिससे ईवी को तेजी से अपनाने का मंच तैयार हो गया है। यह बदलाव टिकाऊ परिवहन समाधानों के लिए बढ़ती पसंद को दर्शाता है, जो ई2डब्ल्यू बाजार को आगे बढ़ाता है।