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E20 Petrol: उद्योग विशेषज्ञों का बड़ा दावा, बोले- वैज्ञानिक परीक्षणों में सुरक्षित, वाहनों के लिए भरोसेमंद

Sat, 04 Jul 2026 07:04 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश में इथेनॉल-ब्लेंडेड (E20) पेट्रोल को लेकर चल रही तमाम आशंकाओं और चिंताओं को अब देश के बड़े ऑटोमोबाइल और ऊर्जा विशेषज्ञों ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उद्योग जगत के दिग्गजों ने साफ किया कि E20 ईंधन कड़े वैज्ञानिक परीक्षणों से गुजरा है और यह पूरी तरह सुरक्षित होने के साथ-साथ भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने वाला है। आइए जानते हैं विशेषज्ञों ने इस पर क्या महत्वपूर्ण बातें कहीं।
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E20 Petrol - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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E20 इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच उद्योग विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि यह ईंधन व्यापक वैज्ञानिक परीक्षणों और कड़े गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरने के बाद ही लागू किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल नए ही नहीं, बल्कि E20 अनिवार्य होने से पहले बने वाहनों के लिए भी सुरक्षित है। साथ ही, इससे भारत की कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के आयात पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलती है। 
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E20 पेट्रोल को लेकर विशेषज्ञों ने क्या कहा?

शनिवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्योग विशेषज्ञों ने E20 पेट्रोल से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपनी राय रखी।

विशेषज्ञों के अनुसार-

  • E20 पेट्रोल को वैज्ञानिक तरीके से विकसित और लागू किया गया है।

  • इसे पूरे देश में लागू करने से पहले चरणबद्ध प्रक्रिया अपनाई गई।

  • इस दौरान वाहन निर्माता कंपनियों, परीक्षण एजेंसियों और अन्य संबंधित पक्षों से व्यापक स्तर पर परामर्श किया गया।

क्या E20 कार्यक्रम अचानक लागू किया गया था?

पूर्व Engineers India Limited (इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड) की चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक वर्तिका शुक्ला ने कहा कि E20 कार्यक्रम किसी अचानक लिए गए फैसले का परिणाम नहीं था।

उन्होंने बताया-

  • पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण की प्रक्रिया रातोंरात शुरू नहीं की गई।

  • इसे वैज्ञानिक आधार पर चरणबद्ध और सुनियोजित तरीके से लागू किया गया।

  • कार्यक्रम को लागू करने से पहले वर्षों तक मूल्यांकन किया गया।


भारत ने इथेनॉल मिश्रण के लक्ष्य तक कब पहुंचा?

वर्तिका शुक्ला ने कार्यक्रम की प्रगति पर भी जानकारी दी।

उन्होंने बताया-

  • वर्ष 2013-14 में पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण लगभग 1.5 प्रतिशत था।

  • दिसंबर 2025 तक इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया।

  • निर्धारित लक्ष्य को तय समय से पांच वर्ष पहले हासिल कर लिया गया।


E20 कार्यक्रम किन परीक्षणों और संस्थाओं के आधार पर तैयार हुआ?

वर्तिका शुक्ला के अनुसार, यह कार्यक्रम व्यापक वैज्ञानिक परीक्षणों और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग पर आधारित है।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को समर्थन मिला-

  • ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनियों के परीक्षणों से।

  • ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) द्वारा किए गए परीक्षणों से।

  • सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के सहयोग से।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि-

  • अमेरिका, ब्राजील, कनाडा और जर्मनी जैसे देशों में अपनाई गई वैश्विक प्रक्रियाओं का भी अनुसरण किया गया।

  • इथेनॉल मिश्रण से कच्चे तेल के आयात में कमी आई।

  • हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के दौरान इससे भारत की निर्भरता कम करने में भी मदद मिली।

E20 पेट्रोल - फोटो : AI

Toyota Kirloskar Motor ने E20 पेट्रोल पर क्या कहा?

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड एवं एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट अफेयर्स एंड गवर्नेंस) विक्रम गुलाटी ने कहा कि भारत में वाहन और ईंधन, दोनों उपभोक्ताओं तक पहुंचने से पहले कड़े परीक्षण और प्रमाणन प्रक्रिया से गुजरते हैं।

उन्होंने कहा-

  • उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले वाहन बेहतर इंजीनियरिंग और डिजाइन पर आधारित होते हैं।

  • तकनीकी रूप से सक्षम परीक्षण एजेंसियां इनकी निगरानी और जांच करती हैं।


E20 ईंधन को लेकर Toyota ने क्या फायदे बताए?

विक्रम गुलाटी ने इथेनॉल को बेहतर ईंधन बताते हुए इसके कई लाभ गिनाए।

उन्होंने कहा-

  • इथेनॉल उच्च प्रदर्शन (हाई परफॉर्मेंस) वाला ईंधन है।

  • यह कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद करता है।

  • यह पौधों से हासिल होता है, इसलिए इसे 'जीरो कार्बन फ्यूल' बताया गया।

  • वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में भी यह उपभोक्ताओं और अर्थव्यवस्था को राहत देने में सहायक साबित होता है।

Maruti Suzuki ने पुराने वाहनों को लेकर क्या कहा?

मारुति सुजुकी इंडिया के कॉरपोरेट अफेयर्स सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती ने E10 ईंधन के लिए डिजाइन किए गए पुराने वाहनों को लेकर उठ रही चिंताओं पर प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने बताया-

  • कंपनी ने E10 वाहनों का E20 ईंधन पर सभी मानकों के आधार पर परीक्षण किया।

  • परीक्षण में चिंता पैदा करने वाली कोई बात सामने नहीं आई।

उन्होंने आगे कहा-

  • वाहन डिजाइन और परीक्षण के दौरान पर्याप्त सुरक्षा मानकों को शामिल किया गया।

  • E20 ईंधन इस्तेमाल करने पर वर्ष 2023 से पहले बने वाहनों में भी घिसाव, जंग या पुर्जों की उम्र से जुड़ी कोई समस्या नहीं होगी।


Hero MotoCorp ने दोपहिया वाहनों को लेकर क्या जानकारी दी?

हीरो मोटोकॉर्प के मुख्य व्यवसाय अधिकारी आशुतोष वर्मा ने कहा कि दोपहिया वाहनों से जुड़े व्यापक परीक्षण और सेवा आंकड़े भी E20 ईंधन की सुरक्षा की पुष्टि करते हैं।

उन्होंने बताया-

  • कंपनी के पास उपलब्ध करोड़ों सर्विस रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया।

  • विश्लेषण में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया जिसमें E20 पर चलने वाले वाहनों में पहले इस्तेमाल होने वाले ईंधन की तुलना में अधिक नुकसान दर्ज हुआ हो।

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E20 पेट्रोल - फोटो : AI

E20 पेट्रोल को लेकर विशेषज्ञों का मुख्य संदेश क्या रहा?

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उद्योग विशेषज्ञों ने सामूहिक रूप से यह संदेश दिया कि-

  • E20 पेट्रोल वैज्ञानिक परीक्षणों पर आधारित ईंधन है।

  • यह कड़े गुणवत्ता मानकों को पूरा करता है।

  • पुराने और नए दोनों प्रकार के वाहनों के लिए सुरक्षित बताया गया।

  • इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है।

  • कार्बन उत्सर्जन घटाने और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका बताई गई।

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