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भारत में E100 फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को हरी झंडी: केंद्र सरकार ने मोटर वाहन नियम में क्या बदलाव किए?

Mon, 26 Oct 2026 01:53 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • भारत सरकार ने 100% तक इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर चलने वाले E100 Flex-Fuel वाहनों के लिए नियामकीय रास्ता साफ कर दिया है।
  • केंद्र ने सोमवार को केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन की अधिसूचना जारी की।
  • इस कदम से ऐसे वाहनों के लिए नियमों में E100 ईंधन को भी शामिल कर दिया गया है। 
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E100 Flex-Fuel Vehicles - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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देश में हरित ईंधन और प्रदूषण मुक्त परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सोमवार को केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन की अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे अब 100% इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल (E100) पर चलने वाले फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के निर्माण और संचालन का रास्ता साफ हो गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कई प्रमुख कार निर्माता कंपनियां जल्द ही अपने E100 मॉडल्स भारत में लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं।

 

केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में क्या संशोधन किए गए हैं?

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, नियमों में किए गए इस नए संशोधन के तहत उत्सर्जन प्रावधानों को अपडेट किया गया है।
  • नियमों में E100 को शामिल करना: अब एमिशन मानकों में E85 ईंधन के साथ-साथ E100 को भी आधिकारिक तौर पर शामिल कर लिया गया है।
  • सर्टिफाइड वाहनों के लिए नियम: अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि E85 और E100 ईंधन केवल उन्हीं वाहनों के लिए हैं जो विशेष रूप से इस उच्च-इथेनॉल मिश्रण पर चलने के लिए डिजाइन और प्रमाणित किए गए हैं।

क्या मौजूदा कार मालिकों को अपनी गाड़ियों में कोई बदलाव करना होगा?

इस फैसले के बाद आम कार चालकों और मौजूदा वाहन मालिकों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है:
  • मौजूदा वाहनों पर लागू नहीं: सामान्य पेट्रोल या E20 ईंधन पर चलने वाली वर्तमान गाड़ियां E85 या E100 ईंधन का उपयोग नहीं कर सकती हैं।
  • कोई अनिवार्य बदलाव नहीं: सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस अधिसूचना के तहत मौजूदा वाहन मालिकों को न तो E85 पर स्विच करने की जरूरत है और न ही उन्हें वर्तमान या भविष्य में अपने वाहनों में किसी भी तरह का संशोधन कराने की आवश्यकता है।

फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक क्या है और यह कैसे काम करती है?

अधिकारियों के मुताबिक, फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक का इस्तेमाल ब्राजील और अमेरिका जैसे देशों में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।
  • एक ही टैंक में अलग-अलग फ्यूल: इन वाहनों को विशेष रूप से एक ही ईंधन टैंक में इथेनॉल और पेट्रोल के विभिन्न मिश्रणों पर चलने के लिए डिजाइन किया गया है।
  • E85 और E100 रेंज: वाहन के डिजाइन और सर्टिफिकेशन के आधार पर, यह रेंज E85 या E100 (जिसमें मुख्य रूप से इथेनॉल होता है) तक बढ़ सकती है।
 

E100 ईंधन के उपयोग से देश और पर्यावरण को क्या फायदे होंगे?

पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में इथेनॉल का फॉसिल कार्बन फुटप्रिंट काफी कम होता है, जिससे इसके कई दूरगामी लाभ मिलने वाले हैं:
  • प्रदूषण में कमी: वाहनों में उच्च इथेनॉल मिश्रण का उपयोग करने से टेलपाइप से निकलने वाले कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और नुकसानदायक हाइड्रोकार्बन के उत्सर्जन में भारी कमी आएगी।
  • कच्चे तेल का आयात घटेगा: देश में इथेनॉल के अधिक उपयोग से भारत की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार की भी बचत होगी।
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