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दिल्ली की महिलाओं के लिए खुशखबरी: ई-बाइक चलाएं और हर महीने कमाएं हजारों रुपये; ऐसे उठाएं सरकारी योजना का लाभ

Tue, 24 Feb 2026 01:22 PM IST
जागृति ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

How to apply for E-Bike Didi Scheme: दिल्ली सरकार जल्द ही ई-बाइक दीदी स्कीम लॉन्च करने वाली है। इस पहल के तहत राजधानी के प्रमुख पर्यटन स्थलों और मेट्रो स्टेशनों पर महिला बाइकर्स, महिला टूरिस्ट्स को इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की सवारी कराएंगी। जानिए आप इस योजना का लाभ कैसे उठा सकती हैं?
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ई-बाइक दीदी योजना - फोटो : ai
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विस्तार
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दिल्ली सरकार ई-बाइक-दीदी योजना पर विचार कर रही है, जिसके तहत स्थानीय महिला राइडर्स इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर से महिला यात्रियों खासकर टूरिस्ट को प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों, मेट्रो स्टेशनों और बस स्टॉप तक सुरक्षित सवारी देंगी। ऑनलाइन बुकिंग-डिजिटल पेमेंट मॉडल, राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म के साथ संभावित टाई-अप और ई-बाइक खरीद पर सब्सिडी जैसे प्रावधान प्रस्तावित हैं। पायलट के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है।
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भारत टैक्सी के साथ साझेदारी और वित्तीय मदद
सरकार इस स्कीम को अमल करने के लिए भारत टैक्सी सर्विस के साथ हाथ मिला चुकी है। हाल ही में डीटीटीडीसी और भारत टैक्सी के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) साइन हुआ है। 
  • सब्सिडी का सहारा: सरकार महिला बाइकर्स को ई-बाइक खरीदने के लिए वित्तीय सब्सिडी और अन्य प्रोत्साहन (Incentives) देने पर विचार कर रही है।
  • युवाओं को मौका: इस योजना के लिए दिल्ली की रहने वाली युवा महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
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कौन और कैसे उठा सकता है इस योजना का लाभ? 
अगर आप दिल्ली में रहकर ई-बाइक-दीदी स्कीम से कमाई करना चाहती हैं या सुरक्षित इलेक्ट्रिक राइड बुक करना चाहती हैं? ताे जानिए स्टेप-बाय-स्टेप कैसे लाभ मिल सकता है। योजना के शुरुआती मसौदे के अनुसार, आवेदन के लिए निम्नलिखित शर्तें हो सकती हैं:
  • निवासी: आवेदक महिला का दिल्ली का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • आयु सीमा: मुख्य रूप से युवा महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी (संभावित आयु 18 से 35 वर्ष)।
  • दस्तावेज: वैध टू-व्हीलर ड्राइविंग लाइसेंस (DL) होना जरूरी है। अगर लाइसेंस नहीं है, तो सरकार प्रशिक्षण (Training) कार्यक्रम भी चला सकती है।
फिलहाल ये योजना पायलट फेज की तैयारी में है, लेकिन इसकी प्रक्रिया कुछ इस तरह हो सकती है:
  • पंजीकरण (Registration): योजना शुरू होने पर दिल्ली परिवहन विभाग या भारत टैक्सी के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन लिंक खुल जाएगा।
  • दस्तावेज सत्यापन: इसके बाद आपको आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस अपलोड करना होगा।
  • ई-बाइक चयन और सब्सिडी: सरकार ई-बाइक खरीदने के लिए भारी सब्सिडी (छूट) देगी, जिससे किसी पर बोझ नहीं आएगा। इतनी प्रक्रिया के बाद आप सरकार की ओर से लिस्टेड इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियों में से बाइक चुन सकेंगी।
  • लोन की सुविधा: इतनी ही नहीं इसके लिए कम ब्याज दर पर लोन (Financial Support) की सुविधा भी मिल सकती है।
  • ट्रेनिंग प्रोग्राम: चुने जाने के बाद, महिला राइडर्स को सड़क सुरक्षा, टूरिस्ट गाइड शिष्टाचार और ऐप के उपयोग की ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • एप से जुड़ना: ट्रेनिंग पूरी होने के बाद, आपको भारत टैक्सी या सरकारी ई-बाइक एप पर एक पार्टनर के रूप में रजिस्टर किया जाएगा।
महिला राइडर को क्या फायदे मिलेंगे?
  • वित्तीय आजादी: महिला राइडर्स अपनी पसंद के समय (Flexible Hours) पर काम कर सकेंगी, इससे अच्छी कमाई होने की  संभावना है।
  • सस्ता वाहन: सब्सिडी और इंसेंटिव की वजह से नई ई-बाइक खरीदना बेहद किफायती होगा।
  • सुरक्षित कार्यस्थल: चूंकि यह महिला-से-महिला सेवा है, इसलिए काम का माहौल सुरक्षित और आरामदायक रहेगा।
  • प्राइवेट प्लेयर्स से टक्कर: ओला या रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म्स की तरह, आपको बुकिंग के लिए ग्राहक ढूंढने की जरूरत नहीं होगी, एप खुद आपको सवारी देगा।
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आपको क्या तैयारी रखनी चाहिए?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल ये स्कीम तैयारी में है, लेकिन आने वाले महीनों में कभी भी लॉन्च हो सकती है, इसलिए इच्छुक महिलाएं ये तैयारियां पहले से कर सकती हैं:
  • अपना लर्निंग या परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस बनवा कर तैयार रखें।
  • दिल्ली का निवास प्रमाण पत्र (Voter ID/Aadhar) अपडेट रखें।
  • ई-मोबिलिटी और इलेक्ट्रिक वाहनों के बारे में बुनियादी जानकारी जुटाना शुरू करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्कीम दिल्ली के दो सबसे बड़े मुद्दों को हल करेगी। पहला महिला सुरक्षा, इसके तहत महिला राइडर होने से महिलाएं अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी, खासकर टूरिस्ट क्षेत्रों में। दूसरा प्रदूषण नियंत्रण, इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के उपयोग से दिल्ली की हवा को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी, जो सरकार के नेट-जीरो विजन का हिस्सा है।

स्कीम कैसे शुरू होगी?
अधिकारियों के अनुसार, योजना को सबसे पहले एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लॉन्च किया जाएगा। इसके जरिए यह देखा जाएगा कि प्राइवेट प्लेयर्स के साथ प्रतिस्पर्धा में यह मॉडल कितना टिकाऊ (Viable) है। सफलता मिलने के बाद इसे पूरे शहर में चरणों (Phases) में लागू किया जाएगा।

कितना किराया होगा?
योजना के बारे में सुनते ही ये सवाल जरूर आता है कि इसका किराया कितना होगा? इसके लिए सरकार यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि ई-बाइक दीदी का किराया निजी कंपनियों के मुकाबले कम या उनके बराबर हो। इसके लिए टूरिज्म, ट्रांसपोर्ट और महिला एवं बाल विकास विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। साथ ही इस स्कीम के साथ दिल्ली में चार्जिंग स्टेशनों का जाल और भी तेजी से फैलने की उम्मीद है। महिला बाइकर्स को केवल ड्राइविंग ही नहीं, बल्कि गाइड और सेफ्टी प्रोटोकॉल की ट्रेनिंग भी दी जा सकती है।
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