DEVI Bus Scheme in Delhi
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शहर के रूटों पर क्यों नहीं चलेगी बस
डीटीसी अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल इस बस को नियमित रूटों पर चलाना संभव नहीं है। इसका कारण है दिल्ली की कई सड़कों की कम चौड़ाई, ओवरब्रिज और बिजली की तारों की ऊंचाई की सीमाएं और बस का आकार, जो 4.75 मीटर ऊंची और 9.8 मीटर लंबी है। इसमें 63 यात्रियों के बैठने की क्षमता है, जो शहर में चल रही सामान्य DEVi बसों से लगभग तीन गुना है। इन सभी कारणों से इसे फिलहाल शहर में चलाना व्यावहारिक नहीं है।
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रूट की जांच और तैयारी जारी
पर्यटन विभाग फिलहाल इस डबल-डेकर के लिए सुरक्षित रूट चुनने में जुटा है। अधिकारी पेड़ों की ऊंचाई माप रहे हैं, ओवरब्रिज क्लीयरेंस और बिजली के तारों की जांच कर रहे हैं। चूंकि पर्यटन रूट में आंतरिक संकरी सड़कों से बचा जा सकता है, इसलिए यह व्यावहारिक विकल्प माना जा रहा है। इस रूट पर बस रोज एक या दो ही ट्रिप करेगी।
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Electric Bus (For Representation only)
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बस पर्यटन विभाग को क्यों दी गई
यह डबल-डेकर इलेक्ट्रिक बस एक कंपनी द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के तहत परिवहन विभाग को दी गई थी। लेकिन शहर के नियमित नेटवर्क में इसे चलाना कठिन होने के कारण डीटीसी ने इसे सीधे पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने का फैसला किया। इससे इसकी टेस्टिंग भी आसान होगी।
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दिल्ली में डबल-डेकर बसों का इतिहास
डबल-डेकर बसें कभी दिल्ली की सड़कों पर आम दृश्य हुआ करती थीं और इन्हें 'सुविधा' नाम से चलाया जाता था। लेकिन 1989 के बाद इन्हें धीरे-धीरे हटाया गया। 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2022 जी20 समिट से पहले इन्हें वापस लाने की कोशिश की गई, लेकिन रूट की व्यवहार्यता की वजह से यह योजना हर बार ठप पड़ गई।
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DEVI Bus Scheme in Delhi
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बस चलाने से पहले कई टेस्ट जरूरी
अधिकारियों ने बताया कि वे अभी बैटरी रेंज, ओवरहेड क्लियरेंस, रूट मैपिंग और ड्राइवर ट्रेनिंग जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम कर रहे हैं। चूंकि ड्राइवर सामान्य ऊंचाई वाली बसें चलाने के आदी हैं, इसलिए इस बड़े आकार वाली बस के लिए विशेष प्रशिक्षण की जरूरत होगी।
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