सड़कों पर अक्सर देखा जाता है कि ज्यादातर वाहन चालक लेन नियम को फॉलो नहीं करते हैं। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि देश में होने वाले अधिकतर सड़क हादसों में बड़ी वजह लेन नियम का उल्लंघन होता है। कार चलाने वाले ज्यादातर ड्राइवर जानते ही नहीं है कि किस तरह से और कैसे लेन बदलनी है। ऐसे में गाड़ियों की टक्कर हो जाती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सड़क पर या फिर हाईवे पर अगर वाहन की लेन बदलनी है तो गाड़ी के आगे और पीछे चल रहे वाहनों से लगभग 25 मीटर की दूरी बनाएं। इसके बाद जिस ओर जाना है, उस तरफ का वाहन इंडीकेटर दें फिर अपनी धीरे-धीरे अपनी वाहन को उस लेन में लेकर जाएं। अगर सड़क पर गाड़ी चलाते वक्त लेन नियम को सही ढंग से फॉलो करें तो हादसों से बचा जा सकता है।
वाहन में आगे और पीछे दोनों तरफ काफी काम की लाइट्स दी गई होती है। हालांकि, सड़क हादसों में लाइट्स का गलत इस्तेमाल भी एक बड़ी वजह है। अगर वाहन चालक सही तरीके से लाइट्स का इस्तेमाल करता है तो कई बड़े हादसों को टाला जा सकता है। अगर शहर में, छोटी सड़कों पर या फिर मोड़ पर गाड़ी चला रहे हैं तो गाड़ी की डीम लाइट का इस्तेमाल करें। वहीं, अगर वाहन को हाईवे पर, गांव में या फिर किसी अंधेरे वाली सड़क पर ड्राइव कर रहे हैं तो डीपर लाइट को यूज करें। बेहद ही कम लोग कार की डीम और डीपर लाइट में सही अंतर जानते हैं। ऐसे में वाहन चालक को इसकी सही जानकारी होनी चाहिए।
देश में कारों की मांग के साथ उन्हें पार्क करने की दिक्कत भी बढ़ रही है। ऐसे में अगर ड्राइवर वाहन को सही ढंग से पार्किंग में खड़ा करता है तो कई हादसों से बचा जा सकता है। अक्सर देखा जाता है कि वाहन चालक पार्किंग में वाहन को इस तरह से पार्क करते हैं कि पहले से खड़ी गाड़ियों को जाने का रास्ता नहीं मिलता है। वहीं, बाद में आने वाली गाड़ियों को पार्किंग में आने में परेशानी होती है। ऐसे में अगर सही तरीके से वाहन को पार्क किया जाए तो काफी हद तक हादसे कम हो सकते हैं।