चाहे गर्मी हो या कोई भी मौसम हो, मगर कार के ब्रेक ठीक से काम करने चाहिए। प्री-मानसून में कार का अधिक ध्यान रखना होता है। कई बार देखा गया है कि इस मौसम में ब्रेक के ट्रैक्शन की क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में अगर ब्रेक पैडल में कोई खराबी है तो उसे बदलना ही ठीक रहेगा। इससे ब्रेकिंग क्षमता बेहतर होती है।
प्री-मानसून के मौसम में कार में किसी तरह की लीकेज तो नहीं है, इसकी जांच करनी चाहिए। अक्सर मानसून के दौरान कार के कई उपकरण से लीकेज की दिक्कत सामने आती है। ऐसे में प्री-मानसून में कार को अच्छे से चेक करें कि कोई भी लीकेज न हो।
अगर आप सोचते हैं कि मानसून के मौसम में कार के एसी जरूरी नहीं है तो आप गलत सोचते हैं। जी हां, गर्मी की तरह ही मानसून में भी कार के एसी की काफी जरूरत होती है। कार का एसी मानसून में डिफॉगर फीचर के लिए बेहद ही खास होता है। इसी वजह से एसी की क्षमता बेहतर होती है।
प्री-मानसून के वक्त गाड़ी के टायर सही स्थिति में हो, ये काफी जरूरी है। कार का सारा भार टायर पर होता है, ऐसे में टायर का एयर प्रेशर बिल्कुल सटीक होना चाहिए। कार की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि कार के टायर में एयर प्रेशर सही हो, साथ टायर में किसी तरह की लीकेज न हो।
अगर आप अक्सर कार से सफर करते हैं तो प्री-मानसून के दौरान वाइपर ब्लैड्स का ध्यान रखें। ये तो आप जानते ही होंगे कि बारिश के दौरान दृश्यता कम हो जाती है, ऐसे में यही वाइपर काफी काम आते हैं, इसलिए बारिश का दौर शुरू होने से पहले वाइपर ब्लैड का सही होना बेहद जरूरी है।