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Child Safety Rules: आप भी कार चलाते समय बच्चे को बैठाते हैं गोद में? लग सकता है जुर्माना, जानें क्या है नियम

Tue, 14 Jul 2026 09:07 AM IST
जागृति ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Child Safety While Driving: क्या आप भी अक्सर अपने बच्चे को गोद में बैठाकर यात्रा करते हैं? सोशल मीडिया पर ऐसी वीडियो तमाम मिल जाएंगी, जिसमें पैरेंट्स अपने छोटे बच्चे को गोद में बैठाकर गाड़ी चला रहे होते हैं, तो क्या ऐसा करना सुरक्षित है? गर आप भी ऐसा करते हैं, तो एक छोटी सी गलती आपको जुर्माने के साथ बड़े खतरे में डाल सकती है। जानिए बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियम क्या कहते हैं।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
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Car Child Safety Rules: परिवार के साथ कार में सफर करते समय कई लोग जगह की कमी या बच्चे को शांत रखने के लिए उसे गोद में बैठा लेते हैं। हालांकि यह तरीका सुविधाजनक जरूर लगता है, लेकिन सड़क सुरक्षा के लिहाज से बेहद जोखिम भरा है। इतना ही नहीं, ट्रैफिक नियमों के अनुसार ऐसा करना नियमों का उल्लंघन भी माना जा सकता है। आइए जानते हैं कि बच्चों के साथ कार में सफर करते समय किन नियमों का पालन करना जरूरी है और उल्लंघन करने पर क्या कार्रवाई हो सकती है।
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क्या बच्चे को गोद में बैठाकर कार चलाना नियमों के खिलाफ है?
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कार चलाते समय बच्चे को गोद में बैठाकर सफर करना सुरक्षित नहीं माना जाता है। सड़क सुरक्षा नियमों के अनुसार हर यात्री के लिए अलग सीट और उचित सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है। अचानक ब्रेक लगने या दुर्घटना की स्थिति में गोद में बैठा बच्चा सबसे ज्यादा खतरे में हो जाता है।

बच्चों के लिए क्या कहते हैं नियम?
  • नियमों के मुताबिक चार से दस साल तक के बच्चों के साथ सफर करते समय उनके लिए सेफ्टी हार्नेस का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
  • वहीं, 12 साल से कम उम्र के बच्चों को कार की आगे वाली सीट पर नहीं बैठाना चाहिए। छोटे बच्चों के लिए पीछे की सीट सबसे सुरक्षित मानी जाती है।
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नियम तोड़ने पर कितना जुर्माना लग सकता है?
  • अगर कोई चालक इन सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करता है, तो उस पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • कुछ मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस को तीन महीने तक के लिए सस्पेंड भी किया जा सकता है। इसलिए बच्चों के साथ सफर करते समय नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।

ये नियम क्यों बनाए गए हैं?
  • विशेषज्ञ कहते हैं कि इन नियमों का सबसे बड़ा उद्देश्य बच्चों की जान की सुरक्षा करना है। दुर्घटना के समय गोद में बैठा बच्चा गंभीर रूप से घायल हो सकता है, क्योंकि सीट बेल्ट या सेफ्टी हार्नेस जैसी सुरक्षा उसे नहीं मिल पाती।
  • ऐसे हादसों में चोट लगने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

बच्चों के साथ सफर करते समय क्या करें?
  • बच्चों को हमेशा कार की पीछे वाली सीट पर बैठाएं और उनकी उम्र के अनुसार सेफ्टी हार्नेस या चाइल्ड सीट का इस्तेमाल करें। 
  • इसके अलावा, कार में मौजूद सभी यात्रियों के लिए सीट बेल्ट लगाना जरूरी है। यह न केवल नियमों का पालन है, बल्कि आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा का सबसे आसान तरीका भी है।
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