कार चलाते समय इंजन का अचानक बंद हो जाना किसी भी चालक के लिए परेशानी भरा हो सकता है। कई बार इसके पीछे इंजन सीज होने जैसी गंभीर समस्या होती है। इंजन सीज होने का मतलब है कि इंजन के अंदरूनी पार्ट्स के बीच घर्षण बढ़ने या किसी अन्य गंभीर खराबी की वजह से वे जाम हो जाएं और इंजन काम करना बंद कर दे। ऐसे में इंजन की मरम्मत पर काफी खर्च आ सकता है। हालांकि, नियमित सर्विसिंग और कुछ जरूरी सावधानियां बरतकर इस खतरे को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कार का इंजन सीज होने से बचाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
कार का इंजन सीज होने से कैसे बचाएं?
इंजन ऑयल की अनदेखी न करें
इंजन ऑयल कार के इंजन के अंदर मौजूद पिस्टन, क्रैंकशाफ्ट और दूसरे चलने वाले पार्ट्स के बीच घर्षण कम करने में मदद करता है। अगर इंजन ऑयल का लेवल कम हो जाए या लंबे समय तक इसे नहीं बदला जाए, तो पार्ट्स के बीच घर्षण और गर्मी बढ़ सकती है। गंभीर स्थिति में इससे इंजन को नुकसान पहुंच सकता है और वह सीज भी हो सकता है।
इससे बचने के लिए नियमित रूप से इंजन ऑयल का लेवल चेक करें। कंपनी की ओर से तय समय और किमी के अनुसार ऑयल बदलवाएं। साथ ही, कार के लिए निर्धारित ग्रेड का इंजन ऑयल ही इस्तेमाल करें। अगर कार के नीचे ऑयल का रिसाव दिखाई दे, तो इसकी जांच जरूर करवाएं।
कूलेंट की कमी और ओवरहीटिंग से बचें
कार के इंजन को सामान्य तापमान पर बनाए रखने में कूलिंग सिस्टम का खास रोल होता है। कूलेंट इंजन से अतिरिक्त गर्मी बाहर निकालने में मदद करता है। अगर कूलेंट का लेवल कम हो जाए, पाइप में लीकेज हो या कूलिंग सिस्टम ठीक से काम न करे, तो इंजन ओवरहीट हो सकता है।
इंजन का तापमान लगातार बढ़ना गंभीर खराबी का संकेत हो सकता है। इसलिए डैशबोर्ड पर आने वाली तापमान वॉर्निंग को नजरअंदाज न करें। अगर इंजन ओवरहीट हो रहा है, तो सुरक्षित जगह पर गाड़ी रोकें और इंजन को ठंडा होने दें। गर्म इंजन का रेडिएटर कैप न खोलें, क्योंकि गर्म कूलेंट और भाप से जलने का खतरा रहता है।
कूलेंट का लेवल नियमित रूप से जांचें और जरूरत पड़ने पर निर्माता के निर्देशों के अनुसार सही कूलेंट डलवाएं।
बारिश में गहरे पानी से गाड़ी निकालने से बचें
बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भरने से कार चलाना जोखिम भरा हो सकता है। अगर गहरे पानी की वजह से इंजन के एयर इनटेक से पानी सिलिंडर के अंदर पहुंच जाए, तो हाइड्रो-लॉकिंग की स्थिति पैदा हो सकती है।
इंजन में मौजूद पिस्टन हवा और ईंधन के मिश्रण को कंप्रेस करने के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन पानी को आसानी से कंप्रेस नहीं किया जा सकता। ऐसे में इंजन चलाने की कोशिश करने पर पिस्टन, कनेक्टिंग रॉड और दूसरे अंदरूनी पार्ट्स को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
अगर पानी से गुजरने के दौरान कार अचानक बंद हो जाए, तो बार-बार सेल्फ या स्टार्टर न चलाएं। गाड़ी को सुरक्षित स्थिति में रखें और मैकेनिक से जांच करवाएं। पानी में गाड़ी बंद होने का मतलब हमेशा हाइड्रो-लॉकिंग नहीं होता, लेकिन जांच के बिना इंजन दोबारा स्टार्ट करना नुकसान बढ़ा सकता है।
खराब क्वालिटी के फ्यूल से बचें
कार के इंजन की बेहतर परफॉर्मेंस के लिए सही क्वालिटी का पेट्रोल या डीजल इस्तेमाल करना जरूरी है। मिलावटी या दूषित ईंधन से फ्यूल फिल्टर, इंजेक्टर और फ्यूल सिस्टम में खराबी आ सकती है। कुछ परिस्थितियों में इससे इंजन की परफॉर्मेंस भी प्रभावित होती है।
हालांकि, खराब फ्यूल से सीधे इंजन सीज होना सामान्य वजह नहीं हो सकती है, लेकिन दूषित ईंधन से जुड़ी समस्याएं इंजन को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए विश्वसनीय पेट्रोल पंप से ईंधन भरवाएं और कार निर्माता की ओर से निर्धारित फ्यूल का ही इस्तेमाल करें।
इंजन सीज होने के खतरे को कम करने के लिए अपनाएं ये टिप्स
- समय पर सर्विसिंग कराएं: कार की सर्विस कंपनी के निर्धारित शेड्यूल के अनुसार करवाएं।
- ऑयल और कूलेंट चेक करें: दोनों का लेवल सही रखें और किसी भी तरह के रिसाव की जांच करवाएं।
- वॉर्निंग लाइट को नजरअंदाज न करें: ऑयल प्रेशर या इंजन तापमान की चेतावनी मिलने पर सुरक्षित जगह रुकें।
- असामान्य आवाज पर ध्यान दें: इंजन से तेज खटखट या दूसरी असामान्य आवाज आने पर जांच करवाएं।
- गहरे पानी में जाने से बचें: सड़क पर पानी की गहराई का अंदाजा न हो, तो जोखिम न लें।