सीएनजी (CNG) कार खरीदने वाले कई वाहन मालिकों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या गाड़ी में पेट्रोल और सीएनजी दोनों को 50:50 यानी बराबर मात्रा में रखना जरूरी है? इसका सीधा जवाब है 'नहीं'। आपको टैंक में पेट्रोल और सीएनजी का बिल्कुल समान संतुलन रखने की कोई जरूरत नहीं है।
हालांकि, सीएनजी पर गाड़ी चलाते समय पेट्रोल की पूरी तरह अनदेखी करना आपकी कार को धीरे-धीरे बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। चाहे सीएनजी कारें हों या कोई अन्य आधुनिक बाय-फ्यूल वाहन। मुख्य रूप से सीएनजी पर चलने के बावजूद इनमें पेट्रोल बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सीएनजी कार में पेट्रोल का होना क्यों इतना महत्वपूर्ण है?
एक सीएनजी कार को इस तरह डिजाइन नहीं किया जाता कि वह हर समय केवल गैस पर ही चले। जब आप सीएनजी मोड पर गाड़ी चला रहे होते हैं, तब भी पेट्रोल सिस्टम के कई अहम पुर्जे बैकग्राउंड में काम कर रहे होते हैं:
- फ्यूल पंप की सुरक्षा: कार का फ्यूल पंप ठंडा रहने और सही लुब्रिकेशन (चिकनाई) के लिए पेट्रोल पर निर्भर रहता है। यदि पेट्रोल टैंक लगभग खाली होगा, तो फ्यूल पंप ओवरहीट होकर खराब हो सकता है, जिसे बदलवाना काफी महंगा पड़ता है।
- इंजेक्टर का ब्लॉक होना: पेट्रोल इंजेक्टर्स का समय-समय पर इस्तेमाल होना जरूरी है। अगर ये लंबे समय तक इस्तेमाल न हों, तो जाम हो सकते हैं। जिससे बाद में गाड़ी झटके लेने लगती है या स्टार्ट होने में दिक्कत आती है।
कोल्ड स्टार्ट और इंजन की उम्र पर पेट्रोल का क्या असर पड़ता है?
अधिकांश सीएनजी कारें सबसे पहले पेट्रोल पर ही स्टार्ट होती हैं। यह प्रक्रिया सीएनजी पर स्विच करने से पहले इंजन को सही तरीके से गर्म होने में मदद करती है। जिससे इंजन में होने वाली टूट-फूट रुकती है।
इसके अलावा, सीएनजी को एक "ड्राई फ्यूल" माना जाता है। जिसका मतलब है कि यह पेट्रोल की तरह इंजन को चिकनाई प्रदान नहीं करता। पेट्रोल इंजन के वॉल्व्स और आंतरिक पुर्जों की सुरक्षा करता है। यदि आप पेट्रोल का इस्तेमाल बिल्कुल बंद कर देंगे, तो वॉल्व्स और गैस्केट जैसे पार्ट्स समय से पहले घिसकर खराब हो सकते हैं।
सीएनजी कार में कितना पेट्रोल रखना चाहिए और इसे बनाए रखने का सही तरीका क्या है?
अपनी सीएनजी कार की सही देखभाल करना बेहद आसान है। इसके लिए आपको दोनों ईंधन बराबर रखने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन कुछ आसान टिप्स फॉलो करने चाहिए:
- कम से कम 25% पेट्रोल रखें: फ्यूल टैंक में हमेशा कम से कम एक-चौथाई (25 प्रतिशत) पेट्रोल बनाए रखें। इससे फ्यूल पंप पेट्रोल में डूबा रहता है और ठंडा काम करता है।
- साप्ताहिक पेट्रोल राइड: ऑटो विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर हफ्ते गाड़ी को कम से कम 10 से 15 किलोमीटर पेट्रोल पर चलाएं। इससे इंजेक्टर साफ रहते हैं और पूरा फ्यूल सिस्टम तंदुरुस्त रहता है।
- इमरजेंसी बैकअप: सीएनजी स्टेशनों पर अक्सर लंबी कतारें होती हैं या कभी-कभी गैस खत्म हो जाती है। ऐसे समय में टैंक में मौजूद पेट्रोल आपको रास्ते में फंसने से बचाता है।
पेट्रोल की अनदेखी करने पर क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं?
अगर आप लंबे समय तक अपनी कार को केवल सीएनजी पर चलाते हैं और पेट्रोल का ध्यान नहीं रखते, तो आपको इन गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:
- फ्यूल पंप का अचानक जल जाना या खराब होना।
- इंजेक्टर्स का ब्लॉक होना और सील का डैमेज होना।
- इंजन की परफॉरमेंस में गिरावट और शुरू होने में परेशानी।
इन पुर्जों की मरम्मत में होने वाला खर्च आपके द्वारा बचाए गए ईंधन के पैसों से कहीं अधिक हो सकता है। सीएनजी कारें ईंधन का खर्च बचाने के लिए बेहतरीन हैं। लेकिन इसमें पेट्रोल कोई वैकल्पिक चीज नहीं बल्कि सिस्टम का एक हिस्सा है। टैंक में थोड़ा सा पेट्रोल आपकी कार को वर्षों तक भरोसेमंद, स्मूथ और परेशानी मुक्त बनाए रखने में मदद करता है।