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Vehicle Documents: डिजीलॉकर पर ड्राइविंग लाइसेंस देख छोड़ देगी पुलिस? चालान से बचने के लिए जान लें जरूरी नियम

Sun, 07 Jun 2026 02:14 PM IST
Jagriti ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

MoRTH digital document rules: भारत में डिजिलॉकर को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन क्या सिर्फ फोन में मौजूद डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस दिखाकर आप ट्रैफिक चेकिंग से गुजर सकते हैं? क्या डिजिलॉकर में सेव डीएल और आरसी पूरी तरह मान्य हैं? आइए जानते हैं कि डिजिटल दस्तावेजों से जुड़े जरूरी नियम क्या कहते हैं, ये कब वैध माने जाते हैं और किन गलतियों से बचना आपके लिए जरूरी है।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
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Is DigiLocker Driving License valid for traffic police: आज के दौर में बैंकिंग से लेकर सरकारी सेवाओं तक ज्यादातर काम मोबाइल पर हो रहे हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि मोबाइल हमारा डिजिटल बटुआ बन गया है।  अब तो वाहन मालिक डिजिलॉकर एप में अपना ड्राइविंग लाइसेंस (DL) में रखने लगे हैं, लेकिन उनके मन में  अक्सर शंका रहती है कि क्या यह वाकई वैध होता है? तो इसका सीधा और साफ जवाब है...हां, यह पूरी तरह से लीगल और कानूनी रूप से मान्य है। 

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भारत सरकार के कड़े नियमों के अनुसार, अब आपको गाड़ी चलाते समय अपने साथ हमेशा ओरिजनल फिजिकल कार्ड या कागजात रखने की जरुरत नहीं है। आपका स्मार्टफोन ही आपके सारे ओरिजिनल दस्तावेज सुरक्षित रखने और पुलिस को दिखाने के लिए काफी है। भारत सरकार ने डिजिटल दस्तावेजों को भी कानूनी मान्यता दी हुई है। लेकिन इसके साथ कुछ जरूरी नियम भी जुड़े हैं, जिन्हें जानना बेहद आवश्यक है।

क्या डिजिलॉकर में मौजूद ड्राइविंग लाइसेंस पूरी तरह वैध है?
अगर आपके ड्राइविंग लाइसेंस की डिजिटल कॉपी डिजिलॉकर या एमपरिवहन एप पर मौजूद है, तो वह कानूनी रूप से वैध माना जाता है। भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने डिजिटल दस्तावेजों को आधिकारिक मान्यता दी हुई है। यानी ट्रैफिक चेकिंग के दौरान आप अपने स्मार्टफोन में ड्राइविंग लाइसेंस दिखा सकते हैं और इसके लिए अलग से प्लास्टिक कार्ड साथ रखना अनिवार्य नहीं है।
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कानून क्या कहता है?
डिजिटल दस्तावेजों को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act, 2000) और Central Motor Vehicles Rules, 1989 के तहत वैध माना गया है। नियम 139 के अनुसार, DigiLocker और mParivahan पर उपलब्ध दस्तावेज मूल दस्तावेजों के बराबर माने जाते हैं। ऐसे में जांच के दौरान ट्रैफिक पुलिस या अन्य अधिकृत अधिकारी इन दस्तावेजों को स्वीकार करने के लिए बाध्य हैं।

क्या नहीं कर सकते ?
यहां यह गलती लोग सबसे ज्यादा करते हैं। कई वाहन चालक अपने लाइसेंस या RC की फोटो मोबाइल गैलरी में सेव करके रखते हैं या डिजिलॉकर का स्क्रीनशॉट दिखाते हैं। कानूनी रूप से यह मान्य नहीं माना जाता। दस्तावेज सीधे इन एप्स के अंदर से लाइव फॉर्म में दिखाए जाने चाहिए। स्क्रीनशॉट, फोटोकॉपी या गैलरी में सेव तस्वीरें आधिकारिक दस्तावेज नहीं मानी जातीं।

एक्सपायर लाइसेंस होने पर डिजिटल कॉपी भी अमान्य
डिजिटल होने का मतलब यह नहीं है कि दस्तावेज की वैधता बढ़ जाती है। अगर आपका मूल ड्राइविंग लाइसेंस समाप्त हो चुका है, तो एप में मौजूद उसका डिजिटल संस्करण भी अमान्य माना जाएगा। इसलिए लाइसेंस, RC और अन्य वाहन दस्तावेजों की वैधता समय-समय पर जांचते रहना जरूरी है। बेहतर होगा कि आप यात्रा से पहले इन एप्स में अपने ड्राइविंग लाइसेंस तथा RC को डाउनलोड करके रखें।

इंश्योरेंस की हार्ड कॉपी भी जरूरी नहीं
अगर आपकी गाड़ी का इंश्योरेंस अपडेटेड है और उसकी जानकारी वाहन डेटाबेस में उपलब्ध है, जो एमपरिवहन एप पर दिखाई देती है, तो अलग से इंश्योरेंस की हार्ड कॉपी रखने की भी आवश्यकता नहीं होती। इससे वाहन चालकों को कागजी दस्तावेज साथ रखने की परेशानी काफी कम हो जाती है।

किन बातों का रखें ध्यान?
 डिजिलॉकर या एमपरिवहन एप में मौजूद लाइव दस्तावेज कानूनी रूप से मान्य हैं।

  • स्क्रीनशॉट, फोटो या फोटोकॉपी स्वीकार नहीं की जाती।
  • ड्राइविंग लाइसेंस और RC की वैधता समाप्त नहीं होनी चाहिए।
  • फोन में पर्याप्त बैटरी और ऐप एक्सेस उपलब्ध होना चाहिए।
  • वाहन इंश्योरेंस की जानकारी VAHAN डेटाबेस में अपडेट होनी चाहिए।
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