डीजल में 10% होगा बायोफ्यूल मिश्रण
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पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल करने के बाद, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अब डीजल में 10% आइसोब्यूटानॉल मिलाने की योजना का खुलासा किया है। गडकरी के मुताबिक यह कदम भारत में इथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण की सफलता के बाद ऊर्जा और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
इथेनॉल से डीजल तक का सफर
पुणे में प्राज इंडस्ट्रीज के एक कार्यक्रम में बोलते हुए गडकरी ने बताया कि आइसोब्यूटानॉल पर शोध, विकास और मानक तय करने का काम जारी है। इसके पूरा होते ही प्रस्ताव प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत में डीजल की खपत पेट्रोल से दो से तीन गुना अधिक है, इसलिए डीजल को भी मिश्रण कार्यक्रम में शामिल करना जरूरी है।
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‘फूड बनाम फ्यूल’ बहस का अंत
गडकरी ने कहा कि अब भारत चावल, गेहूं, गन्ना और मक्के का अधिशेष उत्पादन करता है। पंजाब जैसे राज्यों में अनाज रेलवे प्लेटफॉर्म पर तक भंडारित किया जाता है। इस अतिरिक्त उत्पादन को बायोफ्यूल में बदलने से किसानों की आमदनी बढ़ी है। मक्का का बाजार भाव ₹1,200 से बढ़कर ₹2,600–₹2,800 तक पहुंच गया है, जबकि बिहार और यूपी में खेती का रकबा दोगुना-तिगुना हो गया है।
शुगर उद्योग को मिली नई जान
गडकरी ने बताया कि इथेनॉल उत्पादन ने शुगर इंडस्ट्री को गन्ना भुगतान में देरी की समस्या से बचाया है। किसानों को समय पर भुगतान मिलने लगा है और उद्योग का 75% हिस्सा इथेनॉल के बिना ढह सकता था।
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लक्ष्य से पहले मिली सफलता
गौरतलब है कि भारत ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य 2030 तक हासिल करने का था, लेकिन इसे पांच साल पहले ही पूरा कर लिया गया है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पिछले महीने इसकी जानकारी दी थी। सरकार का दावा है कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ऊर्जा आयात पर भी निर्भरता को कम करने में मदद मिलेगी। वहीं, देशभर से लोग पुराने वाहनों में इथेनॉल से होने वाली परेशानियों की शिकायत भी कर रहे हैं।