मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने कहा है कि नोटबंदी का असर अब वापसी की ओर है। उन्होंने बताया कि नवंबर में मारुति सुजुकी की बुकिंग में पिछले साल नवंबर के मुकाबले 20 फीसदी की गिरावट आई। इस साल दिसंबर में यात्री वाहनों की बुकिंग में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 7 फीसदी का इजाफा रहा, जो यह दर्शाता है कि नोटबंदी का नकारात्मक असर अब खत्म होने की ओर है।
हालांकि मारुति सुजुकी की सेकेंड हैंड कार, जिसे ट्रू-वैल्यू की ओर से बेचा जाता है, की बिक्री में नवंबर व दिसंबर दोनों ही महीनों में गिरावट आई है। गत 8 नवंबर को सरकार ने नोटबंदी का फैसला किया था। ग्रामीण इलाके में नवंबर में कारों की बिक्री में 11 फीसदी की गिरावट रही, लेकिन इस साल दिसंबर में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 18 फीसदी की बढ़ोतरी रही।
भार्गव ने कहा कि रुख बदल रहा है। हालांकि अभी यह स्थिति नहीं है कि आगे का अनुमान लगाया जा सके। उन्होंने बताया कि यात्री वाहनों की बुकिंग में बढ़ोतरी की वजह यह भी है कि मारुति सुजुकी की 80 फीसदी कारों की खरीदारी कर्ज लेकर होती है, जबकि ट्रू-वैल्यू से बिकने वाली सिर्फ 20 फीसदी कारों के लिए कर्ज लिए जाते हैं। सेकेंड हैंड कारों की बिक्री में नकदी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
जल्द लांच होंगी मारुति की दो कारें
मारुति सुजुकी जल्द ही इगनिश व बलेनो आरएस लांच करने जा रही है। इगनिश को अगले महीने 13 तारीख को लांच किया जा सकता है, जिसकी शुरुआती कीमत 5 लाख रुपये हो सकती है।
नए साल में मारुति कारों के भी बढ़ सकते हैं दाम
अन्य कार कंपनियों की तरह मारुति सुजुकी भी अपनी कारों की कीमतों में इजाफा कर सकती है। कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि उनका वित्तीय विभाग इस बात की समीक्षा कर रहा है और जल्द ही इस संबंध में कोई फैसला किया जा सकता है। कच्चे माल की लागत में होने वाली बढ़ोतरी के नाम पर अन्य कार कंपनियों ने आगामी एक जनवरी से अपने-अपने मॉडल के दाम में बढ़ोतरी की घोषणा की है।