दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नकेल कसी है, क्योंकि शहर गंभीर प्रदूषण की चपेट में है। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले 2.70 लाख से ज्यादा वाहनों को इस साल 31 अक्तूबर तक ट्रैफिक चालान जारी किए गए हैं। ये वाहन वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्र के बिना राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर चलते पाए गए हैं। दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बहुत अधिक बना हुआ है। बुधवार, 13 नवंबर को वायु गुणवत्ता सूचकांक 361 के आसपास रहा, जिसे 'बहुत खराब' श्रेणी में रखा गया है।
2.78 लाख चालान काटे
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस साल बिना वैध PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों के 2.78 लाख चालान काटे हैं, जो पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा है। 2023 में बिना वैध PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों की संख्या 2.32 लाख थी। 2022 में यह संख्या और भी कम यानी 1.64 लाख थी। इन सभी वाहनों को 10,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा।
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प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई
बिना वैध पीयूसी प्रमाण पत्र वाले वाहनों पर जुर्माना लगाने के अलावा, दिल्ली पुलिस ने इस साल राष्ट्रीय राजधानी में कई प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को भी जब्त किया है। अब तक 2024 में 3,908 एंड-ऑफ-लाइफ पेट्रोल और डीजल वाहनों को जब्त किया गया है, जो पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा है।
ट्रैफिक पुलिस ने जारी की रिपोर्ट
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पीयूसी सर्टिफिकेट दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर एक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि अकेले अक्तूबर में, यातायात उल्लंघन के लिए 47,000 से ज्यादा वाहनों को चालान जारी किए गए। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, "आईटीओ चौक, पीरागढ़ी, आश्रम चौक, आनंद विहार और महरौली सहित विभिन्न जगहों पर विशेष अभियान चलाया गया, जिसके दौरान 47,000 से अधिक वाहन चालकों को बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र या अवैध दस्तावेजों के साथ पकड़ा गया।"
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दिल्ली में ट्रैफिक उल्लंघन में इजाफा
इस साल राष्ट्रीय राजधानी में ट्रैफिक उल्लंघन में भी इजाफा हुआ है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस साल विभिन्न यातायात उल्लंघनों के लिए 4.55 लाख से ज्यादा वाहनों के चालान जारी किए हैं। पिछले साल यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल वाहनों की संख्या 4.70 लाख से अधिक थी। जबकि 2022 में यह संख्या 3.58 लाख थी। इस साल यातायात नियमों का उल्लंघन करने के लिए 9.35 लाख से अधिक वाहन मालिकों को नोटिस भेजे गए हैं।