दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस साल वाहनों के अवैध नंबर प्लेटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। यह अभियान यातायात सुरक्षा बढ़ाने और ट्रैफिक नियमों का पालन कराने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस साल वाहनों के अवैध नंबर प्लेटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। यह अभियान यातायात सुरक्षा बढ़ाने और ट्रैफिक नियमों का पालन कराने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। ऐसा पुलिस का कहना है।
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दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 31 मई तक चालू वर्ष के आंकड़े बताते हैं कि खराब नंबर प्लेटों के लिए 16,859 उल्लंघनकर्ताओं को पकड़ा गया है। जो पिछले साल के 4,363 की तुलना में काफी ज्यादा है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह पिछले वर्ष की तुलना में अभियोगों में लगभग 286 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी है।
इसके अलावा, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 2024 में खराब नंबर प्लेटों के लिए जारी किए गए सबसे ज्यादा चालान वाले टॉप 10 ट्रैफिक चौराहों का गहन विश्लेषण किया है। जहां इस तरह के उल्लंघन के लिए मयूर विहार, नंद नगरी, खजूरी खास, समयपुर बादली, सिविल लाइन्स और भजनपुरा आठ स्थानों में से सबसे ऊपर हैं।
अवैध नंबर प्लेट को यातायात उल्लंघन और सुरक्षा चिंताओं में योगदान करने वाले एक प्रमुख मुद्दे के रूप में पहचाना गया है। जिनमें वे नंबर प्लेट भी शामिल हैं जो एलिजिबल (अनुमन्य) नहीं हैं, अनुचित तरीके से बनाई गई हैं, या निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं।
इस उल्लंघन को कम करने के लिए, शहर की ट्रैफिक पुलिस ने उल्लंघनकर्ताओं की निगरानी और उन्हें पकड़ने के लिए अतिरिक्त कर्मियों और संसाधनों को तैनात किया है।
विभाग ने कहा कि पूरे शहर में विशेष अभियान और चेकपोस्ट लगाए गए हैं। खासकर हाई-ट्रैफिक क्षेत्रों, उनके निकास और एंट्री पॉइन्ट्स पर।
पुलिस ने एक जांच की थी जिसमें उन विशिष्ट क्षेत्रों का पता लगाया गया था जहां यातायात उल्लंघन सबसे ज्यादा होते हैं।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि यातायात नियमों के अनुपालन को बढ़ाने के लिए केंद्रित प्रवर्तन रणनीतियां बनाई जा रही हैं।
नए दिशानिर्देशों के अनुसार उचित वाहन पंजीकरण प्लेटों के महत्व को उजागर किया जा रहा है। इसके तहत, जमीनी कार्रवाई के अलावा, सोशल मीडिया के जरिए अभियानों और ऑटोमोबाइल एसोसिएशंस के साथ सहयोग के माध्यम से इस मुद्दे के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने का एक ठोस प्रयास किया गया है। ताकि वाहन मालिकों को कानूनी जरूरतों और इन्हें नहीं मानने पर क्या सजा मिलती है, इसके बारे में शिक्षित किया जा सके।