अब तक कितनी FIR और चालान दर्ज हुए हैं?
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार अब तक गलत दिशा में वाहन चलाने के मामलों में 124 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जबकि 25,422 चालान काटे गए हैं। औसतन रोजाना करीब आठ एफआईआर दर्ज हो रही हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में गलत दिशा में ड्राइविंग के 3,06,020 मामलों में चालान काटे गए थे। इनमें से दो लाख से अधिक मामले दोपहिया वाहन चालकों के थे, जो समय बचाने के लिए शॉर्टकट अपनाते हुए नियम तोड़ते पाए गए। वहीं 2024 में ऐसे 2,49,244 मामले सामने आए थे।
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नीति में बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?
पिछले साल दिल्ली में सड़क हादसों में 1,600 से अधिक लोगों की जान गई। पुलिस के अनुसार इनमें से बड़ी संख्या में हादसे गलत दिशा में चल रहे वाहनों की वजह से हुए। लगातार बढ़ती मौतों ने प्रशासन को यह सोचने पर मजबूर किया कि अगर सख्ती नहीं बरती गई तो हालात और खराब हो सकते हैं।
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पुलिस अधिकारियों का क्या कहना है?
ट्रैफिक पुलिस के विशेष आयुक्त नीरज ठाकुर ने कहा कि गलत दिशा में वाहन चलाना न सिर्फ चालक के लिए बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों और पैदल यात्रियों के लिए भी बेहद खतरनाक है। अक्सर तेज रफ्तार से गलत दिशा में आ रहा वाहन सामने से आ रहे ट्रैफिक से टकरा जाता है, जिससे गंभीर हादसे होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
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कौन-से इलाके हैं सबसे ज्यादा संवेदनशील?
दिल्ली पुलिस के अनुसार राजधानी के कुछ इलाकों में गलत दिशा में ड्राइविंग की घटनाएं ज्यादा सामने आ रही हैं, जिनमें शामिल हैं:
- दरियागंज से लाल किला
- दिल्ली गेट चौक
- कमला मार्केट से असफ अली रोड
- राजघाट से दिल्ली गेट की ओर
- दिल्ली विश्वविद्यालय से मुखर्जी नगर
- मोदी मिल फ्लाईओवर से ओखला फेज-3
- रिंग रोड से विनोबापुरी मेट्रो स्टेशन
- ओखला अंडरपास से मोहन एस्टेट
- गोविंदपुरी मेट्रो स्टेशन से गुरु रविदास मार्ग
- AIIMS अंडरपास (साउथ एक्स पार्ट-2 से पार्ट-1)
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पुलिस का उद्देश्य क्या है?
दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसका मकसद सिर्फ सजा देना नहीं, बल्कि लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है। उम्मीद है कि एफआईआर जैसी सख्त कार्रवाई से लोग नियमों का पालन करेंगे और राजधानी की सड़कें पहले से ज्यादा सुरक्षित बनेंगी।
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