पुराने चालान निपटाने का मौका
इस योजना का मकसद है पुराने बकाया चालानों को खत्म करना और अदालतों पर बढ़ते बोझ को कम करना। अधिकारियों का कहना है कि चालान भरने के लिए लोगों को 2 से 3 महीने का समय दिया जा सकता है।
एक ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारी ने बताया कि यह दो-पहिया, तीन-पहिया और चार-पहिया मालिकों के लिए एक बार मिलने वाला मौका होगा। उन्होंने कहा, "लोगों को इसे बकाया चालान निपटाने का अवसर मानना चाहिए, क्योंकि आगे चलकर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रद्द करने जैसे और कड़े कदम भी उठाए जा सकते हैं।"
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किन चालानों पर मिलेगा फायदा
इस योजना में ट्रैफिक पुलिस और ट्रांसपोर्ट विभाग दोनों तरह के चालान शामिल होंगे।
- ट्रांसपोर्ट विभाग आमतौर पर प्रदूषण सर्टिफिकेट (PUCC) एक्सपायर होने, गलत साइड पर गाड़ी चलाने और ओवरलोडिंग जैसे मामलों में चालान काटता है।
- ट्रैफिक पुलिस हेलमेट न पहनने, रेड लाइट तोड़ने और स्पीडिंग जैसी गलतियों पर चालान करती है।
लेकिन यह छूट सिर्फ गैर-गंभीर उल्लंघनों पर ही मिलेगी। शराब पीकर गाड़ी चलाना, बिना लाइसेंस ड्राइव करना या अन्य गंभीर मामलों पर यह स्कीम लागू नहीं होगी।
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क्यों नहीं भरते लोग चालान
आजकल ई-चालान फोटो सबूत के साथ आते हैं और ऑनलाइन भी भरे जा सकते हैं। फिर भी बहुत से लोग भुगतान नहीं करते और लोक अदालत का इंतजार करते हैं, जहां अक्सर चालान की रकम घटा दी जाती है।
इसके अलावा, चालान देर से भरने पर ब्याज या पेनल्टी न लगने की वजह से भी लोग समय पर भुगतान करने में लापरवाही करते हैं। खराब ट्रैफिक सिग्नल, अस्पष्ट बोर्ड और उलझे हुए रोड लेआउट भी विवाद और न भरने की वजह बनते हैं।
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सख्त कदमों की तैयारी
फिलहाल छोटे चालान मौके पर निपटाए जा सकते हैं, लेकिन गंभीर चालान वर्चुअल या जिला अदालतों में जाते हैं, जिससे केसों का बोझ और बढ़ जाता है।
अधिकारी ने कहा, "केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के नियमों के तहत, परिवहन विभाग के पास यह अधिकार है कि वह उन वाहनों से संबंधित ऑनलाइन लेनदेन करने से रोक सकता है जिनके चालान कई बार लंबित हैं। इसके लिए उसे वाहन पोर्टल पर 'लेनदेन नहीं किए जाने वाले' श्रेणी में डाला जा सकता है।"
इससे वे लोग अपनी गाड़ी से जुड़े ऑनलाइन काम (जैसे रजिस्ट्रेशन या रिन्यूअल) भी नहीं कर पाएंगे।
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