दिल्ली सरकार ने मंगलवार को राजधानी में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए वर्ष 2025 की नई कार्ययोजना ‘शुद्ध हवा सबका अधिकार – प्रदूषण पर जोरदार प्रहार’ लॉन्च की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना की घोषणा करते हुए बताया कि इसमें इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ट्रैफिक सुधार और वैज्ञानिक उपायों के जरिए वायु गुणवत्ता सुधारने का रोडमैप शामिल है।
योजना के तहत दिल्ली मेट्रो द्वारा शहरभर में 2,299 इलेक्ट्रिक ऑटो तैनात किए जाएंगे, जिससेラस्ट-माइल कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसके अलावा, दिल्ली के 13 प्रदूषण हॉटस्पॉट पर मिस्ट स्प्रेयर लगाए जाएंगे ताकि हवा में मौजूद कणीय प्रदूषकों को कम किया जा सके।
'एक पेड़ मां के नाम'
5 जून से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की जाएगी, जिसके तहत 70 लाख पौधे लगाए जाएंगे। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल का हिस्सा है और इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ माताओं को श्रद्धांजलि देना है।
वाहन प्रदूषण पर नियंत्रण
सड़क यातायात सुधारने के लिए पूरे शहर में स्मार्ट इंटेलिजेंट ट्रैफिक सिस्टम लागू किया जाएगा। साथ ही, Pollution Under Control (PUC) केंद्रों का हर 6 महीने में ऑडिट किया जाएगा ताकि भ्रष्टाचार रोका जा सके।
राजधानी में पुराने वाहनों की एंट्री रोकने के लिए बॉर्डर पॉइंट्स पर ANPR कैमरे और डिजिटल डिस्प्ले लगाए जाएंगे। पड़ोसी राज्यों से आने वाले खत्म-उम्र वाले वाहनों को SMS के ज़रिए चेतावनी भेजी जाएगी।
EV इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश
दिल्ली में 18,000 नए EV चार्जिंग प्वाइंट लगाए जाएंगे, जिनमें मॉल, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। मौजूदा चार्जिंग ढांचे का ऑडिट कर उसे अपग्रेड किया जाएगा।
सरकारी वाहनों का 80% बेड़ा स्वच्छ ईंधन पर शिफ्ट होगा। साथ ही, वन और संरक्षित क्षेत्रों में केवल इलेक्ट्रिक वाहन ही अनुमति प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि ऑड-ईवन योजना दोबारा लागू नहीं की जाएगी क्योंकि इससे आम जनता को परेशानी होती है।