एप-आधारित कैब एग्रीगेटर्स के कंप्लीट इलेक्ट्रिफिकेशन पर जोर देते हुए दिल्ली जल्द ही मौजूदा बाइक टैक्सियों को हटा देगी। राज्य सरकार ने दिल्ली मोटर वाहन एग्रीगेटर और डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर स्कीम 2023 नाम से एक अधिसूचना जारी की है। इसके तहत 2030 तक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सिर्फ इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सियों को चलाने की इजाजत होगी। इस समय दिल्ली में ओला, उबर और रैपिडो जैसी कुछ प्रमुख बाइक टैक्सी ऑपरेटर हैं जिनके बेड़े में पेट्रोल और इलेक्ट्रिक दोनों मॉडल हैं। इससे पहले, दिल्ली में बाइक टैक्सियों को तब तक प्रतिबंध का सामना करना पड़ता था जब तक कि उन्हें ईवी बेड़े में नहीं बदल दिया जाता।
प्रस्तावित कैब एग्रीगेटर नीति के मुताबिक, शहर में संचालित सभी यूनिट्स को अधिसूचना की तारीख से तीन महीने के भीतर लाइसेंस हासिल करना होगा। ये लाइसेंस वार्षिक शुल्क के आधार पर वैध होंगे। जब तक कि यह इलेक्ट्रिक न हो, और यह पांच साल तक चलेगा। नई योजना में दो साल से कम पुराने वाहनों पर 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
Electric Bus in Delhi
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बाइक टैक्सियों को इलेक्ट्रिक बनाने का कदम सार्वजनिक परिवहन के जरिए शुद्ध शून्य उत्सर्जन हासिल करने की दिल्ली सरकार की पहल के रूप में आया है। इसके बेड़े में पहले से ही लगभग एक हजार इलेक्ट्रिक बसें हैं। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि यह पहली बार है कि कैब एग्रीगेटर दिशानिर्देशों में बाइक टैक्सी ऑपरेटरों के चरणबद्ध इलेक्ट्रिफिकेशन को शामिल किया गया है।
राज्य सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली अक्सर उच्च प्रदूषण स्तर की चपेट में रहती है, जिसका मुख्य कारण वाहनों से होने वाला उत्सर्जन है। इसने हाल ही में BS3 पेट्रोल और BS4 डीजल वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लगा दिया था। क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई थी। बाइक टैक्सियों और कैबों को इलेक्ट्रिक करने के फैसले को शहर से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को कम करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।
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राय ने कहा, "दिल्लीवासियों के लिए सुचारू आवाजाही के लिए दिल्ली में एग्रीगेटर्स को लाइसेंस देने और रेगुलेट करने की लंबे समय से जरूरत रही है। भारत ने 2070 तक शुद्ध शून्य (उत्सर्जन) हासिल करने का लक्ष्य रखा है। यह योजना उसी दिशा में राजधानी की एक पहल है। यह पहली बार है कि हम शहर में बाइक टैक्सियों को चलाने की इजाजत दे रहे हैं।"
नए नियम से इलेक्ट्रिफिकेशन के अलावा जनता की सुरक्षा और सुविधा भी सुनिश्चित होगी। राज्य सरकार ने कहा कि अगर उपभोक्ता एग्रीगेटर्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हैं तो वह सर्ज प्राइसिंग पर भी नियम बनाएगी।