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Dashcam In Car: कोर्ट में मान्य है डैशकैम की रिकॉर्डिंग? जानें क्या कहता है भारतीय कानून और इसके बड़े फायदे

Tue, 14 Jul 2026 05:03 PM IST
जागृति ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Dashcam Footage: आज के समय में सुरक्षित ड्राइविंग करना पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है। कई बार तो सड़क हादसों में गलती किसी और की होती है, लेकिन परेशानी निर्दोष ड्राइवर को उठानी पड़ती है। यही वजह है कि आजकल वाहन मालिक डैशकैम काफी तेजी से अपना रहे हैं। तो क्या गाड़ी में डैशकैम लगवाना कानूनी रूप से सही है, इसके क्या-क्या फायदे हैं? आइए जानते हैं...
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
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Dashcam Legal Evidence: भारतीय सड़कों पर ड्राइविंग करना किसी चुनौती से कम नहीं है, कहां क्या हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता है। कई बार तो एक्सीडेंट होने पर लोग बेकसूर होने के बावजूद कानूनी पचड़े में फंस जाते हैं। इसी से बचने के लिए आजकल गाड़ियों में डैशकैम (Dashcam) लगवाने का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। 
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क्या भारत में Dashcam की रिकॉर्डिंग कानूनी सबूत मानी जाती है?
हां...भारतीय कानून और नए भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्डिंग को अदालत में कानूनी सबूत के रूप में स्वीकार किया जाता है। अगर डैशकैम की वीडियो बिना एडिट की गई हो, टाइम-स्टैंप मौजूद हो और मूल रिकॉर्डिंग हो, तो इसे पुलिस जांच और कोर्ट में मजबूत डिजिटल साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

एक्सीडेंट में कैसे साबित करता है सच?
  • सड़क हादसों में पुलिस साबित न होने पर दोनों पक्षों का सुनती है, लेकिन कई बार जिसकी गलती होती है, वह चलाकी से खुद का सही बताकर बच जाता है, और बेकसूर फंस जाता है। ऐसे में Dashcam की रिकॉर्डिंग साफ दिखा सकती है कि गलती किसकी थी।
  • अगर कोई वाहन गलत दिशा से आ जाए, अचानक ब्रेक लगा दे या लापरवाही से टक्कर मार दे, तो पूरी घटना वीडियो में रिकॉर्ड हो जाती है। इससे जांच आसान हो जाती है और विवाद कम होता है।
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फर्जी एक्सीडेंट और ब्लैकमेलिंग से भी बचाव
  • कुछ मामलों में लोग जानबूझकर एक्सीडेंट का नाटक करके ड्राइवर से पैसे वसूलने की कोशिश करते हैं। कई बार भीड़ जुटाकर दबाव भी बनाया जाता है।
  • ऐसी स्थिति में डैशकैम की रिकॉर्डिंग सच्चाई सामने लाने में मदद करती है। वीडियो सबूत होने पर फर्जी दावों और ब्लैकमेलिंग की संभावना काफी कम हो जाती है।

इंश्योरेंस क्लेम जल्दी हो सकता है
  • इतना ही नहीं डैशकैम की फुटेज इंश्योरेंस क्लेम के दौरान भी काफी उपयोगी साबित होती है।
  • अगर आप बीमा कंपनी को घटना की मूल रिकॉर्डिंग देते हैं, तो सर्वेयर के लिए दुर्घटना का आकलन आसान हो जाता है। इससे विवाद कम होते हैं और क्लेम प्रक्रिया भी तेज हो सकती है।

डैशकैम इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
  • डैशकैम का पूरा फायदा तभी मिलता है जब रिकॉर्डिंग सही तरीके से सुरक्षित रखी जाए।
  • हमेशा अनकट और टाइम-स्टैंप वाली रिकॉर्डिंग रखें।
  • फुटेज को मेमोरी कार्ड या क्लाउड में सुरक्षित स्टोर करें।
  • जरूरत पड़ने पर पुलिस या बीमा कंपनी को मूल (Original) वीडियो फाइल ही उपलब्ध कराएं।

क्या डैशकैम लगवाना फायदेमंद है?
अगर आप रोजाना ड्राइव करते हैं या लंबी दूरी तय करते हैं, तो डैशकैम एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण साबित हो सकता है। यह न केवल सड़क हादसों में सच्चाई सामने लाने में मदद करता है, बल्कि फर्जी दावों, कानूनी विवादों और इंश्योरेंस क्लेम की जटिलताओं से भी बचा सकता है। इसलिए आज के समय में डैशकैम सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि सुरक्षित और जिम्मेदार ड्राइविंग का अहम साथी बनता जा रहा है।
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