चक्रवात रेमल ने कोलकाता के कई कार मालिकों पर कहर बरपाया है। सुपर साइक्लोनिक तूफान और पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण शहर में करीब 600 कारें अलग-अलग स्तर पर क्षतिग्रस्त हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अकेले जलभराव से लगभग 250 कारों को नुकसान पहुंचा है। कोलकाता ट्रैफिक पुलिस (केपीटी) का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस विभाग ने अकेले तूफान और बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई 600 कारों को हटाया।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि जिन कार मालिकों के वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनमें से कई के पास कोई विशेष बीमा पॉलिसी नहीं है। जिसकी आवश्यकता बाढ़, तूफान आदि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान के लिए कवरेज हासिल करने के लिए होती है। चक्रवात रेमल के कारण शहर के उत्तरी बाहरी इलाकों में एक खुले पार्किंग स्थल पर खड़ी कई कारें रविवार को तब गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं, जब एक बंद पड़े कारखाने की चिमनी उन वाहनों पर गिर गई। इसके अलावा, कई कार मालिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा क्योंकि निचले इलाकों में पार्किंग और शहर के विभिन्न हिस्सों में भारी जलभराव के कारण पानी उनके वाहनों में घुस गया।
शहर के एक सर्विस सेंटर ने बताया कि इस स्थिति के कारण क्षतिग्रस्त कारों को सर्विस सेंटरों पर ले जाने वाले वाहन मालिकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। मॉडर्न कारें कई तरह के सेंसरों से लैस होती हैं, जो पानी के कारण गंभीर रूप से प्रभावित होते हैं। इसके अलावा, वाहनों के धातु के हिस्से लंबे समय तक पानी के संपर्क में रहने के बाद जंग लगने की आशंका रहती है।
आमतौर पर कोलकाता को उन शहरों में से नहीं माना जाता जहां बाढ़ जैसी स्थिति आम है। यही कारण है कि शहर के कार मालिक अक्सर अपने वाहन बीमा कवरेज के लिए विशेष ऐड-ऑन खरीदने को नजरअंदाज करते हैं। इंश्योरेंस के ये ऐड-ऑन कारों को जलभराव, तूफान, बाढ़ आदि से होने वाले नुकसान की भरपाई करता है।