नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों का एसेट अंडर मैनेजमेंट इस वित्त वर्ष और अगले साल लगभग 18-19% बढ़ सकता है। यह अनुमान क्रिसिल रेटिंग्स ने अपनी ताजा रिपोर्ट में दिया है। फिलहाल NBFCs के कुल AUM में से लगभग 44% हिस्सा वाहन फाइनेंस और होम लोन से आता है।
नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) इस वित्त वर्ष और अगले साल लगभग 18-19% बढ़ सकता है। यह अनुमान क्रिसिल रेटिंग्स ने अपनी ताजा रिपोर्ट में दिया है। फिलहाल NBFCs के कुल AUM में से लगभग 44% हिस्सा वाहन फाइनेंस और होम लोन से आता है।
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GST कटौती के बाद खासकर कारों की बिक्री बढ़ी है, इसलिए वाहन फाइनेंस सेगमेंट में आने वाले दो साल तक 16-17% की स्थिर ग्रोथ रहने की उम्मीद है। प्रीमियम और सेकंड-हैंड वाहनों की बढ़ती मांग भी इस बढ़ोतरी में मदद करेगी, भले ही नए वाहनों में बैंकों से कड़ी टक्कर मिलती रहे।
होम लोन सेगमेंट, जिसका हिस्सा करीब 22% है, अगले दो साल में 12-13% बढ़ने का अनुमान है। यह पिछली साल की लगभग 14% की तुलना में थोड़ा कम है। इसकी वजह है कि पब्लिक सेक्टर बैंक होम लोन में ज्यादा तेजी से उतर रहे हैं और बड़े शहरों में मकानों की बिक्री में संभावित सुस्ती, जिससे नए होम लोन की मांग थोड़ी धीमी पड़ सकती है।
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क्रिसिल रेटिंग्स के चीफ रेटिंग्स ऑफिसर कृष्णन सीतारमन ने कहा कि "तेजी से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद वाहन और होम लोन में स्थिर ग्रोथ रहेगी। लेकिन बढ़ती उधारी को देखते हुए NBFCs खासकर MSME और बिना गारंटी वाले लोन में सावधानी से आगे बढ़ेंगी"। रिपोर्ट के मुताबिक, NBFCs का कुल AUM मौजूदा रफ्तार से बढ़ता रहा तो मार्च 2027 तक 50 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सकता है।